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राजस्थान एक्सप्रेसवे पर टेम्पो ट्रैवलर ड्रेन में गिरा, एमपी के आठ की मौत

राजस्थान के कोटा जिले में दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे पर एक टेम्पो ट्रैवलर के 15 फुट गहरे ड्रेन में गिरने से मध्य प्रदेश के आठ लोगों की मौत हो गई और कई गंभीर रूप से घायल हुए। यह हादसा शनिवार सुबह लगभग 6 बजे हुआ। पुलिस ने इस मामले की पुष्टि की है।

हादसे का घटनाक्रम और प्राथमिक बचाव कार्य

इस गंभीर दुर्घटना का स्थान कोटा जिले के सिमलिया थाना क्षेत्र के पोल नंबर 384 के नजदीक था। टेम्पो ट्रैवलर लगभग 17 यात्रियों को ले जा रहा था, जो अचानक सड़क से बाहर होकर ड्रेन में गिर गया। दुर्घटना के बाद स्थानीय पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

मूल रूप से यह सभी यात्री मध्य प्रदेश के बेतुल जिले के घाटबिरोली गांव से थे। ये सभी एक धार्मिक यात्रा पर राजस्थान के सीकर जिले के खाटू श्याम मंदिर जा रहे थे। पुलिस के अनुसार ये लोग चार दिन की यात्रा पर भेजे गए थे, और दुर्घटना उन्हीं के रास्ते में हुई।

घायलों का इलाज और परिवार की स्थिति

घायलों को पास के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल, एमबीएस अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है। सिमलिया थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर नंद सिंह ने बताया कि राहत कार्य के लिए तीन एम्बुलेंस भेजी गई हैं, ताकि घायल तेजी से अस्पताल पहुंच सकें।

मुलताई थाने के कप्तान विकास पटेल ने पीड़ित परिवारों का दौरा किया है और उन्हें हादसे की खबर दी। वे जल्द ही शव लेने के लिए पहुंचेंगे। दुर्घटना में मारे गए लोग एक साथ संबंध रखते थे, इसलिए परिवार पर यह हादसा गहरा प्रभाव डाल रहा है।

पुलिस ने बताया कि भारी बारिश के कारण सड़कों पर पेड़ गिर गए थे, जिससे चालक को टेम्पो सेमोरिन में नियंत्रण खोना पड़ा और वाहन ड्रेन में गिर गया। जगह का स्लीट और पानी भरा होना रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा बना, लेकिन क्रेन से वाहन को बाहर निकाला गया।

कोटा पुलिस अधीक्षक सुजित शंकर ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन जरूरी बताया। पुलिस इस घटना की पूरी जानकारी इकट्ठा कर रही है।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया है। प्रशासन ने ये सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं कि दुर्घटना के पीड़ितों को ठीक से राहत मिले और उनके परिवारों की मदद की जाए। जिले में शोक की लहर दिखाई दे रही है।

यह हादसा उन यात्रियों के लिए एक महंगा हादसा साबित हुआ, जो धार्मिक यात्रा पर निकले थे। इस घटना ने राज्य और जिले दोनों में सड़क सुरक्षा के महत्व को दोबारा उजागर किया है। आगे के निर्देशों और सहायता के लिए प्रशासन सतर्क है।

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