पंजाब के एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट झोटा का अंतिम संस्कार मंसा में

पंजाब के एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद, उनकी अंत्यक्रिया रविवार को उनके पैतृक स्थल मंसा में हुई। झोटा के शव का पोस्टमॉर्टम PGIMER चंडीगढ़ में शनिवार को पूरा होने के बाद, उन्हें मंसा लाया गया।
हत्याकांड की подробियाँ और गिरफ्तारी
झोटा की हत्या 13 अक्टूबर को मंसा की एक व्यस्त मेडिकल स्टोर में हुई, जहाँ उन्होंने स्टोर मालिक को नशे की दवाओं की बिक्री रोकने पर कड़ा आकरस पद्र्धार किया था। इसके बाद स्टोर मालिक ने झोटा पर गोली चला दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
झोटा के अंतिम संस्कार से पहले उनके घर में बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए जुटे। परिवार और सामाजिक संगठनों द्वारा बनाए गए संयुक्त कार्य समिति (JAC) ने यह आयोजन सुनिश्चित किया।
संयुक्त कार्य समिति की भूमिका और मांगें
परमिंदर सिंह झोटा इंसाफ़ एक्शन कमिटी के रूप में जानी जाने वाली यह संयुक्त कार्य समिति, विभिन्न सामाजिक संगठनों और एक्टिविस्टों का गठबंधन है। इसने घटना के बाद न्याय की मांग को लेकर काफी आंदोलन किया।
झोटा के पिता भिम सिंह ने पंजाब के युवाओं से नशे के खिलाफ शपथ लेने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि रविवार को सुबह 12 बजे के आसपास अंतिम संस्कार चकरियां रोड स्थित झोटा के खेत में होगा।
परिवार ने अपनी 22 दिन की धरना समाप्त कर प्रस्तुति दी, जिसके बाद शव को मंसा के सिविल अस्पताल के शव गृह से PGIMER चंडीगढ़ पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया था।
झोटा के पिता ने शुक्रवार को कहा था कि वे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव चौधरी के ट्रांसफर की मांग करते हुए उपवास पर बैठेंगे। जेक ने कार्रवाई न होने पर सरकार से मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी गौरव यादव की भी इस्तीफे की मांग की।
मौके पर हुई बातचीत में सरकार ने ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने, घायल चार व्यक्तियों के लिए मुआवजा और झोटा की प्रतिमा लगाने का आश्वासन दिया है। झोटा के केस की जांच अब सीबीआई कर रही है। पुलिस विभाग के एक स्टेशन हाउस ऑफिसर, एक डीएसपी और एक ड्रग इंस्पेक्टर को निलंबित किया गया है।




