बिहार के सारण में राहत सामग्री वितरण के दौरान SI निलंबित, बाढ़ प्रभावितों पर पिस्तौल तानी

सारण जिले के मेकर थाना के एक सब-इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी (SHO) को बाढ़ प्रभावितों पर पिस्तौल ताने के मामले में निलंबित कर दिया गया है। यह घटना रविवार 4 अक्टूबर को दोपहर में रेवा घाट के पास हुई। इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें SHO जनता को पिस्तौल दिखाते हुए नजर आ रहे हैं।
घटना और निलंबन के कारण
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मेकर थाना के SHO संग्राम कुमार सिंह को देख सकते हैं जो एक पिकअप ट्रक के ऊपर खड़े होकर राहत सामग्री की कतार में खड़े बाढ़ प्रभावित लोगों से बहस कर रहे हैं। वीडियो में वह पहले अपना जूता दिखाते हैं और फिर पिस्तौल निकालकर जनता को धमकी देते हैं।
रात करीब 11 बजे सारण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रोशन कुमार ने SHO संग्राम कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणा की। उनके निलंबन के दौरान वे मुख्यालय पर तैनात रहेंगे और उपयुक्त हाजिरी देने पर बीमारी भत्ता प्राप्त करेंगे।
प्रशासन और राजनीतिक प्रतिक्रिया
SSP रोशन ने मीडिया बयान में कहा कि SI संग्राम कुमार सिंह का व्यवहार अनुशासनहीन और अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह था। इस कार्रवाई का मकसद यहां के बाढ़ प्रभावितों के प्रति पुलिस विभाग की जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
वहीं, विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए ट्वीट पर वीडियो साझा किया और कहा कि सत्ता पक्ष आम जनता के साथ दुर्व्यवहार कर रहा है। RJD ने बिहार पुलिस और सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि वहां के अधिकारी आम लोगों को अपराधियों की तरह तिलस्मित कर रहे हैं।
वर्तमान में बिहार के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गंडक नदी में नेपाल के क्षेत्र में भारी बारिश के कारण बांधों में दरारें आई हैं। इससे पश्चिम चंपारण, पूर्व चंपारण, गोपालगंज, सारण, दरभंगा और मुजफ्फरपुर में लगभग 9.87 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
सरकार लगातार बाढ़ प्रभावितों तक राहत सामग्री पहुंचाने में जुटी है। इसके अलावा सात इंजीनियरों को भी बाढ़ प्रबंधन में लापरवाही के लिए निलंबित किया गया है, जबकि मुजफ्फरपुर के मुख्य इंजीनियर कुमार मनोज गुप्ता के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है।
इन सभी अभियंताओं पर आपदा प्रबंधन में देरी और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय कम होने के आरोप लगे हैं। निलंबित अभियंता बिहार के सारण और गोपालगंज के विभिन्न इंजीनियर हैं, जिनमें कार्यवाहक और सहायक अभियंता शामिल हैं।




