सीतापुर: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 484 जोड़ों ने लिए सात फेरे, हिंदू–मुस्लिम एकता की सुंदर मिसाल

विशेष संवाददाता: शैलेन्द्र यादव, सब तक एक्सप्रेस
सीतापुर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मंगलवार को राजकीय इंटर कॉलेज, सीतापुर में जिले का विशाल सामूहिक विवाह समारोह आयोजित हुआ, जिसमें कुल 484 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के जोड़े शामिल हुए, जिसने आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता का अनुपम संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही और नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर ‘गुरुजी’ ने दीप प्रज्वलित कर किया। मंच पर विधायक मिश्रिख रामकृष्ण भार्गव, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ल, डीएम डॉ. राजागणपति आर, सीडीओ प्रणता ऐश्वर्या, तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कुल 484 जोड़ों ने रचाई शादी, 9 मुस्लिम जोड़े भी शामिल
विवाह समारोह में जिले के विभिन्न ब्लॉकों और नगर निकायों से आए कुल 484 जोड़ों ने विवाह सूत्र में बंधकर नई जिंदगी की शुरुआत की। इनमें 9 मुस्लिम जोड़ों – रूकसाना, रूकसार, तरन्नुम, मन्तशा, मेहरजहां, रूबीना, सैबा, शहनाज बानों और अयाशा – का विवाह भी संपन्न कराया गया।

प्रति जोड़े पर ₹1 लाख का प्रावधान, कन्या के खाते में ₹60 हजार
सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को
- ₹60,000 कन्या के खाते में स्थानांतरित किए जाएंगे,
- ₹25,000 उपहार सामग्री के रूप में प्रदान किए गए,
- जबकि आयोजन हेतु ₹15,000 प्रति जोड़ा व्यय किया गया।
इस प्रकार प्रति जोड़ा कुल ₹1,00,000 की धनराशि का प्रावधान है।

गरीब परिवारों की चिंता दूर करने वाली योजना — सुरेश राही
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही ने कहा कि गरीब परिवारों में बेटी के जन्म से लेकर उसके विवाह तक आर्थिक बोझ बना रहता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी पीड़ा को समझते हुए यह योजना लागू की, जिससे परिवारों को सहारा मिला है।
उन्होंने कहा—
“यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि आज हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के विवाह एक ही मंच पर संपन्न हुए। यह सामाजिक सौहार्द का सुंदर उदाहरण है।”
नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरुजी और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं।
सीतापुर में आयोजित यह भव्य सामूहिक विवाह समारोह न केवल सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और प्रभावशीलता को दर्शाता है, बल्कि सामाजिक समरसता का भी मजबूत संदेश देता है।



