
सब तक एक्सप्रेस | लखनऊ
सुल्तानपुर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ज्ञान कुंज विवेकानंद नगर में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित 36वीं राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिता 2025 का बुधवार को भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह की शुरुआत सरस्वती वंदना और अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। विद्यालय के प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने उपस्थित अतिथियों का परिचय कराया।
“खेल में श्रेष्ठ, पढ़ाई में भी उत्कृष्ट” — हेमचंद जी
कार्यक्रम के उद्घाटन वक्ता एवं विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के संगठन मंत्री हेमचंद जी ने कहा कि जो विद्यार्थी खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं, वे पढ़ाई में भी श्रेष्ठ रहते हैं। उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर की 1952 में गोरखपुर से शुरू हुई यात्रा को याद करते हुए कहा कि विद्या भारती सिर्फ शिक्षा ही नहीं, बल्कि भारतीयता, संस्कृति और चरित्र निर्माण के संस्कार भी देती है।
उन्होंने कहा — “संस्कारहीन व्यक्ति चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, वह रावण के समान विनाशक बन सकता है।”
“योग मानसिक और शारीरिक संतुलन का आधार” — डॉ. सलिल श्रीवास्तव
मुख्य अतिथि एवं मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर के प्रधानाचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने योग की दैनिक जीवन में भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि योगासन से व्यक्ति में अनुशासन, एकाग्रता और मानसिक शांति का विकास होता है, जिससे वह राष्ट्रीय जीवन के योग्य बनता है।
योग से मिलती है ‘मन-वचन-कर्म’ की एकात्मता — डॉ. वी.के. झा
विद्यालय प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष डॉ. वी.के. झा ने कहा कि योग मानव जीवन के सर्वांगीण विकास की कुंजी है। योग से प्रत्युत्पन्नमति जागृत होती है, जो इंसान को कठिन परिस्थितियों में भी धैर्यवान और निर्णयक्षम बनाती है।
संयोजक मंडल ने साझा किए विचार
कार्यक्रम में प्रबंधक डॉ. पवन सिंह, अध्यक्ष भोलानाथ अग्रवाल, प्रतियोगिता संयोजक राजेश, सह संयोजक मधुसूदन, खेलकूद प्रमुख जगदीश, होड़िल सिंह और अजीत सिंह सहित कई पदाधिकारियों ने संबोधित किया। वरिष्ठ आचार्य महेश शुक्ल ने उद्घाटन मंत्र का उच्चारण किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
आचार्या श्वेता पांडेय के निर्देशन में कक्षा 11-G की छात्राओं द्वारा भगवान राम की जीवन गाथा पर आधारित नृत्य नाटिका ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। शिशु मंदिर के छोटे बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का मन मोह लिया।
आज होंगे पारंपरिक योगासन वर्ग के मुकाबले
प्रतियोगिता संयोजक राजेश के अनुसार उद्घाटन दिवस पर विभिन्न पारंपरिक योगासन की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
कार्यक्रम में व्यवस्था प्रमुख द्वारिका नाथ पांडेय, रंजना पांडेय, अनिल पांडेय, सरिता त्रिपाठी, रमेश मिश्र, विवेकानंद यादव, पूजा शुक्ला, शुभम सिंह, ज्योति उपाध्याय, रागिनी मिश्रा सहित देशभर से आए निर्णायक, संरक्षक आचार्य और सैकड़ों प्रतियोगी उपस्थित रहे।
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