
सब तक एक्सप्रेस।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन कोडीन युक्त कफ सिरप और एसआईआर से जुड़े मुद्दों को लेकर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए इन मामलों पर चर्चा कराने की मांग की।
कार्यवाही शुरू होते ही सपा विधायक सदन के भीतर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने लगे। विपक्ष का आरोप है कि कोडीन आधारित कफ सिरप की तस्करी और इसके दुरुपयोग पर सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है। सपा विधायकों का कहना था कि यह मामला लंबे समय से लंबित है, लेकिन अब तक जांच का कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।
सपा विधायक अतुल प्रधान ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि कोडीन कफ सिरप प्रकरण में बड़े और प्रभावशाली लोग शामिल हैं, जिन तक सरकार के हाथ नहीं पहुंच पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में कफ सिरप का बड़ा जखीरा बरामद हुआ था, जिसकी जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी, लेकिन 18 महीने बीत जाने के बाद भी जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे ही इस प्रकरण में प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र से जुड़े एक व्यक्ति का नाम सामने आया, तब यह संकेत मिला कि मामले में सत्ता से जुड़े लोगों का संरक्षण हो सकता है। इसी को लेकर विपक्ष सरकार से जवाब और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
विपक्षी विधायकों के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही बाधित होती रही। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार का बुलडोजर केवल गरीबों और कमजोर वर्गों पर चलता है, जबकि बड़े और प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है।
सरकार की ओर से हंगामे के बीच स्थिति संभालने का प्रयास किया गया, हालांकि विपक्ष अपनी मांगों पर अड़ा रहा।
सब तक एक्सप्रेस



