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मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले का सठला गांव इन दिनों पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताडा के निर्देश पर गांव में भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई है। गांव के चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर है और ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की गई। खुद एसएसपी ने पुलिस बल के साथ गांव में फ्लैग मार्च कर स्थिति का जायजा लिया।
यह कार्रवाई उस घटना के बाद की गई है, जिसमें बुधवार को सठला गांव में बिना वर्दी दबिश देने पहुंचे दरोगा सौरभ कुमार और सिपाही सुनील को गांव के दबंगों ने घेरकर बेरहमी से पीट दिया था। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए।
अगले ही दिन गुरुवार को एसएसपी और एसपी देहात सठला गांव पहुंचे और एक प्लाटून पीएसी की तैनाती कर दी गई। गांव में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस फोर्स ने पीएसी के साथ फ्लैग मार्च किया। फिलहाल अगले आदेश तक पीएसी गांव में तैनात रहेगी।
दरोगा और सिपाही पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। एसएसपी ने गांव के 40 अपराधियों को चिन्हित किया है, जिनमें से 11 की हिस्ट्रीशीट खोलने के आदेश दिए गए हैं।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि सठला गांव में स्थायी पुलिस चौकी बनाई जाएगी। वर्तमान में पुलिस चौकी पास के गांव में स्थित है, जिसे सठला में शिफ्ट किया जाएगा। चौकी के लिए स्थान का सर्वे किया जा चुका है और जल्द ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुलिस चौकी पर दरोगा सुमित तोमर की तैनाती की गई है, जबकि मवाना थाने में अतिरिक्त अपराध निरीक्षक के रूप में जितेंद्र सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गांव में भारी पुलिस बल की मौजूदगी से जहां अपराधियों में हड़कंप मचा है, वहीं ग्रामीणों के बीच भी दहशत का माहौल बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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