
शैलेन्द्र यादव, विशेष संवाददाता,
सब तक एक्सप्रेस।
लखनऊ। 26 जनवरी को लखनऊ में सिंधी समाज द्वारा अपनी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भव्य सांस्कृतिक आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन हजरतगंज स्थित मोतीमहल वाटिका में चेट्टी चंद मेला कमेटी, हरिओम मंदिर एवं सभी सिंधी पंचायतों के संयुक्त संयोजन में आयोजित होगा।
आयोजन में सिंधी शहनाई, पारंपरिक सिंधी पकवान, बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम, सिंधी वेशभूषा और लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। कार्यक्रम को लेकर हरिओम मंदिर में सिंधी समाज की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि कार्यक्रम को भव्य और आकर्षक रूप दिया जाएगा ताकि युवा पीढ़ी को सिंधियत से जोड़ा जा सके।
आयोजकों ने बताया कि इस अवसर पर सिंधी स्कूलों के बच्चों को भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने का मौका दिया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य सिंधी भाषा, खान-पान, पहनावा, आभूषण और संत परंपरा से युवाओं को परिचित कराना है। साथ ही समाज के लोगों से आपसी संवाद में सिंधी भाषा के प्रयोग और अभिवादन के रूप में ‘जय झूलेलाल’ कहने का संदेश दिया गया।
बैठक के अंत में बांग्लादेश में भीड़ द्वारा की गई हिंसक घटना में मारे गए हिंदू युवकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
बैठक में मेला कमेटी के प्रवक्ता अशोक मोतियानी, पूर्व उपाध्यक्ष नानक चंद लखमानी, मेला कमेटी अध्यक्ष रतन मेघानी, महामंत्री संजय जेसवानी, कोषाध्यक्ष सतेन्द्र भावनानी सहित हरिओम मंदिर और सिंधी समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी ने मिलकर जिम्मेदारियां निभाने का संकल्प लिया।



