सीतापुर में ठंड से बचाव को लेकर जिला प्रशासन की एडवाइजरी जारी
15 स्थानों पर रैन बसेरे संचालित, शीतलहर से बचाव के लिए क्या करें–क्या न करें की दी गई जानकारी

शैलेन्द्र यादव,विशेष संवाददाता।
सब तक एक्सप्रेस।
सीतापुर। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए जनपद में बढ़ती ठंड, शीतलहर और कोहरे से बचाव के लिए जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में आम जनमानस से सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने बताया कि ठंड से बचाव के लिए जिले में 15 स्थानों पर रैन बसेरे बनाए गए हैं। इन रैन बसेरों में निराश्रितों, असहायों और राहगीरों के निःशुल्क ठहरने की सुविधा उपलब्ध है। शासन के निर्देशानुसार सभी रैन बसेरों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
अपर जिलाधिकारी नीतीश कुमार सिंह ने कहा कि लोग समाचार पत्र, रेडियो और टीवी के माध्यम से मौसम की जानकारी लेते रहें तथा जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली एडवाइजरी का पालन करें। उन्होंने सलाह दी कि कान, नाक और गले को ढककर रखें, कई परत वाले गर्म कपड़े पहनें और स्नान के लिए गर्म पानी का उपयोग करें। शरीर को गर्म रखने के लिए पौष्टिक आहार और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें।
उन्होंने बताया कि हाथ-पैर सुन्न होना, कान या त्वचा पर सफेद अथवा पीले दाग दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। शराब का सेवन न करें, क्योंकि इससे शरीर का तापमान कम हो जाता है। कंपकंपी को नजरअंदाज न करें और समय रहते चिकित्सकीय सलाह लें। साथ ही पशुओं को रात में ढककर रखें और सड़कों पर न चराएं।
जिला आपदा विशेषज्ञ हीरालाल ने बताया कि कमरे को गर्म रखने के लिए लकड़ी जलाने से बचें, क्योंकि इससे धुएं का खतरा रहता है। अंगीठी, हीटर या ब्लोअर का प्रयोग सावधानी से करें और कमरे में वेंटिलेशन के लिए खिड़कियां खुली रखें, ताकि जहरीली गैसों और ऑक्सीजन की कमी से बचा जा सके।
उन्होंने बताया कि सर्दियों में तिल, खजूर, अंडा, गुड़, अदरक, शहद और हल्दी वाला दूध शरीर को गर्म रखने में सहायक होते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं भी सतर्क रहें और जरूरतमंद लोगों को रैन बसेरों तक पहुंचाने में सहयोग करें।



