
शैलेन्द्र यादव, विशेष संवाददाता।
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कड़ाके की ठंड के बीच गोरखनाथ मंदिर परिसर में जनता दरबार लगाकर आमजन की समस्याएं सुनीं। गोरखनाथ मंदिर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 150 फरियादियों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश अधिकारियों को दिए।
मुख्यमंत्री ने फरियादियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है, सरकार हर समस्या का समाधान कराएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक पीड़ित की समस्या पर संवेदनशीलता के साथ ध्यान दें और समयबद्ध, पारदर्शी व संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें।
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं कुर्सियों पर बैठे लोगों तक पहुंचे और एक-एक कर उनकी बातें सुनीं। प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मामलों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए।
भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई दबंग या माफिया किसी की जमीन पर जबरन कब्जा करता है तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए। गरीबों को उजाड़ने वालों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए। जहां पैमाइश की आवश्यकता हो, वहां तत्काल पैमाइश कराकर विवाद का समाधान कराया जाए।
पारिवारिक विवाद के मामलों में मुख्यमंत्री ने दोनों पक्षों से संवाद कर आपसी सहमति से समाधान निकालने के निर्देश दिए। वहीं इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर आए लोगों को उन्होंने भरोसा दिलाया कि धन की कमी इलाज में बाधा नहीं बनेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर प्रस्ताव शासन को भेजा जाए, ताकि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जा सके।
जनता दरबार के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि प्रदेश सरकार आमजन की समस्याओं के प्रति गंभीर है और हर पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।



