चेन्नई में फ्रेश मेनिस्कस ट्रांसप्लांटेशन प्रोग्राम शुरू

चेन्नई के राठी मेड स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने चेन्नई नी कोर्स 2026 के अवसर पर रविवार, 4 अक्टूबर को फ्रेश मेनिस्कस आलोग्राफ्ट ट्रांसप्लांटेशन (MAT) प्रोग्राम का शुभारंभ किया। यह प्रोग्राम उन मरीजों के लिए है जिनके घुटने के मेनिस्कस को रिपेयर या पुनर्निर्मित नहीं किया जा सकता।
फ्रेश मेनिस्कस ट्रांसप्लांटेशन की शुरूआत
इस नए चिकित्सा कार्यक्रम का उद्घाटन IIT-मद्रास के निदेशक वी. कमकोटी और तमिलनाडु स्वास्थ्य सचिव डारेज अहमद, IAS द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। अस्पताल ने बताया कि उन्हें तमिलनाडु सरकार से फ्रेश मेनिस्कस ट्रांसप्लांटेशन के लिए लाइसेंस प्राप्त हुआ है, जो दिसंबर 2030 तक मान्य रहेगा।
प्रोग्राम में स्वस्थ मेनिस्कस को ऐसे मरीजों से लिया जाता है जो पूर्ण घुटना प्रतिस्थापन के लिए ऑपरेशन करवा रहे होते हैं, और इसे उन मरीजों को दिया जाता है जिनका मेनिस्कस क्षतिग्रस्त हो चुका है।
मेनिस्कस संरक्षण और नई उपचार विधियां
राठी मेड स्पेशलिटी हॉस्पिटल के निदेशक और आर्थोपेडिक्स विभाग के प्रमुख एन. रगुनाथन इस प्रोग्राम के नेतृत्व कर रहे हैं। प्रोग्राम का मकसद घुटने की बेहतर देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित करना है ताकि रोगियों की जीवन गुणवत्ता में सुधार हो सके।
‘The Meniscus 360° – From Repair to Transplant’ शीर्षक वाली इस सम्मेलन में मेनिस्कस ट्रांसप्लांटेशन और घुटने के संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
अस्पताल ने खास तौर पर उन रोगियों के लिए Kinematic Knee Treatment और KPA Knee Preservation 360° विधि भी पेश की है, जिन्हें 60 वर्ष से कम उम्र के मरीजों में घुटने की समस्या है।
इन चिकित्सीय तकनीकों से घुटने की संरचना को बचाते हुए रोगी को बेहतर और स्थायी राहत प्रदान करने का प्रयास किया जाता है। यह कदम घुटने की बीमारी वाले लोगों के लिये नए विकल्प उपलब्ध कराता है।
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के उन्नत उपचार से जटिल घुटने की समस्याओं में कमी आएगी और मरीजों के पुनर्वास की प्रक्रिया बेहतर होगी। भविष्य में इस तरह के प्रोग्राम स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी साबित हो सकते हैं।




