चीन ने ईयू के रासायनिक आयात पर छापेमारी जांच शुरू की

चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को यूरोपीय संघ से आयातित पीनाइट्रोटोलुईन रासायनिक पदार्थ पर एंटी-डंपिंग जांच शुरू की है। यह कदम तब उठाया गया है जब यूरोपीय संघ के व्यापार प्रमुख जल्द ही बीजिंग में व्यापार वार्ता के लिए आने वाले हैं।
चीन की जांच का कारण और प्रभाव
बीजिंग के वाणिज्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि चीन के घरेलू उद्योगों ने यह जांच शुरू करने का अनुरोध किया है क्योंकि वे यह मानते हैं कि यूरोपीय संघ से आयातित कम कीमत वाले पीनाइट्रोटोलुईन चीनी बाजार में भारी मात्रा में घुस रहे हैं जिससे उत्पादन और संचालन को नुकसान पहुंच रहा है।
यह रासायनिक पदार्थ रंग, दवाओं और कीटनाशकों के उत्पादन में इस्तेमाल किया जाता है। चीन को इस मामले में अपनी उद्योग की सुरक्षा की चिंता है क्योंकि इससे स्थानीय कारोबार प्रभावित हो रहे हैं।
चीन-ईयू के बीच व्यापार तनाव
चीन और यूरोपीय संघ के बीच चल रहे व्यापार तनाव के बीच यह कदम आया है। पिछले कुछ समय से दोनों पक्षों के बीच बदले की नीति के खतरे देखे जा रहे हैं। यूरोपीय संघ अपने उद्योगों की रक्षा के लिए चीनी आयातों पर कड़ी नजर रख रहा है, जो कि कट्टर आलोचकों के अनुसार भारी सब्सिडी पर आधारित हैं।
चीन ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि उसकी कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मकता राज्य समर्थन पर आधारित नहीं है। उसने ईयू की किसी भी कार्रवाई के खिलाफ जवाबी कदम उठाने की धमकी दी है।
अगले सप्ताह, यूरोपीय संघ के व्यापार आयुक्त मारोस सेफकोविक और चीन के वाणिज्य मंत्री वांग वेंताओ के बीच 8 अक्टूबर को वार्ता होने वाली है, जिसका उद्देश्य बढ़ते विवाद को टालना है।
सितंबर में यूरोपीय संघ ने कई देशों सहित चीन से आयातित पॉलीविनाइल क्लोराइड रसायन के संबंध में भी जांच शुरू की थी।
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, चीन की यह नयी जांच एक साल के भीतर पूरी की जाएगी, और आवश्यकतानुसार इसे छह महीने के लिए बढ़ाया भी जा सकता है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि चीन बार-बार कह चुका है कि यूरोपीय संघ को अपने आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों का सामना करना चाहिए और संवाद के माध्यम से आपसी चिंताओं का समाधान करना चाहिए।
चीन और यूरोपीय संघ के बीच कारोबार नीति और व्यापार संरक्षण के मुद्दे इस समय गहन नजर बनाए हुए हैं, और आगामी वार्ता से इन तनावों के समाधान की उम्मीद है।




