धारापुरम उपचुनाव में TVK प्रत्याशी सत्याabama को हराने की अपील AIADMK सेक्रेटरी ने की

AIADMK के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने रविवार को धारापुरम (SC) विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं से आगामी उपचुनाव में TVK पार्टी की प्रत्याशी सत्यभाम को पराजित करने की अपील की। उन्होंने सत्यभाम के AIADMK छोड़कर TVK में शामिल होने को एक ‘विश्वासघात’ करार दिया।
पलानीस्वामी का चुनावी प्रचार और आरोप
कन्निवाड़ी सहित अन्य जगहों पर AIADMK की उम्मीदवार बनुमथी के पक्ष में प्रचार करते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता इस विश्वासघात से स्तब्ध हैं और वे TVK प्रत्याशी को ‘लोकतंत्र की हत्या’ के लिए कड़ी सजा देंगे। उन्होंने TVK नेता सी. जोसेफ विजय को ‘महंगा मुख्यमंत्री’ बताया और सवाल उठाया कि गरीबों के भक्षक के रूप में ₹1,200 करोड़ का नया विधानसभा भवन बनाना क्यों जरूरी था। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री के मेट्टूर बांध जल विलिन कार्यक्रम में ₹5 करोड़ खर्च करने की भी आलोचना की।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और पार्टी के प्रति आस्था
पलानीस्वामी ने जोर देकर कहा कि TVK का AIADMK को अपने में समेटने का सपना कभी पूरा नहीं होगा। उन्होंने विजय से कहा कि वे AIADMK में शामिल हुए उससे पहले ही वह पार्टी में थे। वे AIADMK की नीतियों की भी तारीफ करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने ₹15,110 करोड़ के फसल कर्ज माफ किए। उन्होंने कड़ी निंदा की कि मुख्यमंत्री ने पुराने पेंशनदारों के हित में कोई काम नहीं किया जिससे असंतोष बढ़ा है।
पलानीस्वामी ने TVK नेता के उस निर्णय की भी आलोचना की जिसमें क़रूर के हादसे के बाद वे भाग निकले, जिसमें 41 लोगों की मौत हुई थी। उन्होंने इस कृत्य को कभी माफ नहीं किया जा सकता बताया।
पलानीस्वामी ने यह भी कहा कि वामपंथी पार्टियां TVK सरकार के शासन क्षमता को लेकर आशंकित हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के हाल ही में लंदन दौरे के पीछे के सच के बारे में भी सवाल उठाए।
पलानीस्वामी के इस अभियान का उद्देश्य AIADMK समर्थकों को एकजुट करना और धारापुरम में पार्टी की जीत सुनिश्चित करना है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की है कि वे TVK प्रत्याशी को चुनाव में नकार कर पार्टी की बहुमत वापसी सुनिश्चित करें।
यह उपचुनाव तमिलनाडु की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह अगले विधानसभा चुनाव के माहौल को प्रभावित कर सकता है। AIADMK की ओर से यह कदम पार्टी की साख बचाने के लिए अहम माना जा रहा है।
मतदाता अब मतदान के जरिए तय करेंगे कि धारापुरम में किस पार्टी को प्राथमिकता मिलेगी और इसके परिणाम क्षेत्रीय राजनीति पर गहरा असर डालेंगे।




