अत्यावश्यक कैंसर दवाओं की कीमतों पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता

इस सप्ताह स्वास्थ्य से जुड़ी खबरों में दवाओं की पहुंच, उनकी लागत, सुरक्षा और नियमन पर खास ध्यान दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने अत्यावश्यक कैंसर दवाओं की अत्यधिक कीमतों को ‘‘सरेआम डाका’’ बताया है जो इलाज तक पहुंच को प्रभावित कर रहा है। यह मामला स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता और उपलब्धता के बड़े सवाल उठाता है।
दवाओं की कीमत और सुरक्षा
मूल्य निर्धारण के साथ ही दवाओं के अनुचित उपयोग से होने वाले खतरे भी प्रमुखता से उभरे हैं। सरकार ने दर्द निवारक और एंटीबायोटिक्स के अनियंत्रित उपयोग पर पाबंदी लगाई है क्योंकि इससे किडनी संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। समानांतर रूप से निकोटीन पाउच के स्वास्थ्य जोखिमों के कारण क्रैकडाउन लागू किया गया है।
खाद्य सुरक्षा नियमन में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। एफएसएसएआई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि यह फ्रंट-ऑफ-पैक पोषण लेबलिंग को एक ही चरण में लागू करेगा। इसके साथ ही एफएसएसएआई ने केवल दूध से बने उत्पादों को ही ‘‘पनीर’’ कहे जाने की प्रस्तावना दी है, जिससे नकली पनीर के उपयोग को रोका जा सके।
टीकाकरण, संक्रमण और एआई का स्वास्थ्य में योगदान
टीकाकरण विषय इस सप्ताह भी चर्चा में रहा। खासतौर से छूटे हुए डोज़, टीकाकरण रिकॉर्ड रखरखाव, वयस्क टीकाकरण और जीवन के विभिन्न स्तरों पर आवश्यकताओं में बदलाव पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बच्चों और वयस्कों के टीकाकरण के महत्व पर वेबिनार में चर्चा की।
महामारी के खतरे के मद्देनजर भारत ने संयुक्त राष्ट्र में मजबूत स्वास्थ्य तंत्र और महामारी 대비 को प्राथमिकता देने की बात कही है। विश्व के अन्य हिस्सों से ईबोला और mpox जैसे संक्रमण की खबरें भी आई हैं। भारत में केरल के आईएवी वैज्ञानिक डेंगू के पूर्वानुमान के लिए एक संकेतन प्रणाली विकसित कर रहे हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का बढ़ता उपयोग चिकित्सा इमेजिंग, निर्णय निर्माण और दवा विकास में देखा जा रहा है, लेकिन इसके साथ मरीज सुरक्षा और गलत सूचनाओं के जोखिम भी जुड़े हैं। एआई आधारित मानसिक स्वास्थ्य सेवा और कैंसर स्क्रीनिंग प्रशिक्षण जैसे नए प्रयास चल रहे हैं।
पोषण और बचाव संबंधी अध्ययन सूचित करते हैं कि अतिरिक्त अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ के सेवन से दिल की बीमारी का खतरा 14% तक बढ़ जाता है। कृत्रिम मिठास के स्वास्थ्य असर पर भी शोध हो रहे हैं।
स्वास्थ्य संबंधी कई नई खोजें और इलाज के विकल्प सामने आ रहे हैं, जैसे गर्भावस्था से जुड़ी स्मृति समस्या पर रिसर्च, हृदय रोगों की पहचान गांवों में, और अन्य बीमारियों के लिए नवाचार। इस प्रकार की खबरें स्वास्थ्य क्षेत्र में निरंतर प्रगति को दर्शाती हैं।




