स्वास्थ्य

दुनिया भर में कैंसर जेनेटिक टेस्टिंग की पहुँच असमान: नई Lancet रिपोर्ट

नई Lancet Oncology आयोग की रिपोर्ट में बताया गया है कि कैंसर के जेनेटिक टेस्टिंग और उसके अनुसार उपचार की सुविधा विश्व स्तर पर और देशों के बीच बहुत असमान है। यह असमानता खासकर कम और मध्यम आय वाले देशों में ज्यादा गंभीर है। आयोग के अनुसार, जेनेटिक परीक्षण तक पहुंच स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और समावेशन में बड़ी बाधा है।

जेनेटिक परीक्षण और शोध में असमानता

रिपोर्ट में पाया गया कि कैंसर से जुड़ी बायोमार्कर आधारित परीक्षणों में केवल 2% ट्रायल्स कम और मध्यम आय वाले देशों में होते हैं, जबकि उच्च आय वाले देशों में यह संख्या 81% के करीब है। इस असमानता का प्रभाव कैंसर के इलाज में नयी तकनीकों को अपनाने पर भी पड़ा है।

परिष्कृत ऑनकॉलॉजी के तेजी से विस्तार के बावजूद, यह सुधार लागत और जटिलता में इतनी बढ़ोतरी लेकर आया है कि इसके लाभ आम जनता तक पूरी तरह से नहीं पहुंचे हैं। यही कारण है कि जीन परीक्षण का फैलाव सीमित रूप से ही देखने को मिलता है।

क्लिनिकल ट्रायल और वित्तीय खर्च

पिछले पांच वर्षों में कैंसर दवाओं पर वैश्विक खर्च में लगभग 75% की वृद्धि हुई है, जो 2024 में करीब 252 अरब अमेरिकी डॉलर पहुंच गया है। यह खर्च 2029 तक बढ़कर 441 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। आर्थिक दबाव के बीच परीक्षण और उपचार की पहुंच सीमित रहना चिंता का विषय है।

आयोग ने नैशनल कैंसर प्रोग्राम्स का सर्वे भी किया, जिसकी मदद से यह पता चला कि हर साल दुनिया भर में लगभग 7 से 8 मिलियन (70-80 लाख) कैंसर मरीजों को मानक जेनेटिक परीक्षण की जरूरत होती है। लेकिन सटीक डेटा और जटिलता के कारण यह परीक्षण सभी तक उपलब्ध नहीं हो पाता।

उदाहरण के लिए, हर साल लगभग 3.14 लाख ओवेरियन कैंसर से पीड़ित महिलाओं को BRCA जीन टेस्टिंग (जो स्तन कैंसर से जुड़ा है) की जरूरत होती है, लेकिन आधे से अधिक महिलाएं इसका लाभ नहीं उठा पातीं। यह कमी विशेषकर कम और मध्यम आय वाले देशों में ज्यादा है।

इस चुनौती को देखते हुए आयोग ने एक फ्रेमवर्क प्रस्तावित किया है, जिससे प्राथमिकता के आधार पर कौन से जीन परीक्षण और उनके संबंधित उपचार लागू किए जाएं, यह तय किया जा सकेगा। साथ ही, एक सिस्टम-रेडीनेस असेसमेंट टूल भी पेश किया गया है जो स्वास्थ्य प्रणालियों की तैयारी का मूल्यांकन करेगा।

आयोग ने एक कार्यबल की योग्यता की रूपरेखा और जिम्मेदार डाटा शेयरिंग के लिए सिद्धांत भी सुझाए हैं। इसके अलावा, उन्होंने सटीक और समान कैंसर देखभाल सुनिश्चित करने के लिए 10 मुख्य सिफारिशें और प्रभावी कार्यान्वयन की रोडमैप भी जारी की है।

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