असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में 2026-27 सीज़न के लिए जीप सफारी शुरू

असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान ने 2026-27 पर्यटन सत्र के लिए अपने द्वार फिर से खोल दिए हैं। 3 अक्टूबर से पार्क में जीप सफारी शुरू हो चुकी है और जल्द ही हाथी की सवारी भी शुरू होने की संभावना है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर काहोरा रेंज में असम के वन मंत्री जयंत मल्लबरुआ और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में औपचारिक उद्घाटन किया गया।
काजीरंगा की वन्यजीव संपदा
ब्रह्मपुत्र के मैदानों में फैला काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान प्रमुख रूप से एक सींग वाले गैंडे के लिए जाना जाता है। हालांकि, यहाँ की वन्यप्राणी विविधता में एशियाई हाथी, जंगली जल भैंसे, दलदली हिरण और बाघ भी शामिल हैं। इसके अलावा, यहाँ कई प्रजाति के पक्षी और छोटे स्तनधारी भी पाए जाते हैं, जो पारिस्थितिकी तंत्र को समृद्ध करते हैं।
1985 में इसे यूनेस्को विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया था और यह लगभग 858.98 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। असम पर्यटन विभाग इसे पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख वन्यजीव स्थल के रूप में मानता है।
पर्यटन फिर से शुरू, सफारी के विकल्प
2026-27 के सत्र में मुख्य रूप से काहोरा (सेंट्रल रेंज) और बागोरी (वेस्टर्न रेंज) क्षेत्र में जीप सफारी संचालित हो रही हैं। बाकी रेंज भी क्रमशः खुलने की प्रक्रिया में हैं। असम पर्यटन विभाग के अनुसार, सेंट्रल, वेस्टर्न, ईस्टर्न और बुरापहार क्षेत्र में जीप सफारी उपलब्ध है। आमतौर पर पर्यटकों को कम से कम दो से तीन दिन पार्क का भरपूर अनुभव लेने की सलाह दी जाती है।
हाथी सफारी इस बार थोड़ी देर से शुरू होगी, क्योंकि वन मंत्री के अनुसार, इसके संचालन में 10 से 20 दिन लग सकते हैं। इसलिए आने वाले पर्यटक फिलहाल जीप सफारी का आनंद ले सकते हैं। सफारी के लिए अग्रिम बुकिंग करने की सिफारिश भी की गई है।
काजीरंगा में सफारी के दौरान वन्यजीव मिलने की कोई गारंटी नहीं है क्योंकि यह मौसम, जानवरों की गतिविधि और भाग्य पर निर्भर करता है। सुबह और दोपहर की सफारी से अलग-अलग नजारों और जानवरों को देखने का मौका मिलता है।
पार्क में देखरेख टावर जैसे सोहोल, मिहिमुख, कथपारा, फोलियामारी और हरमोटी पर्यटकों के अनुभव को बढ़ाते हैं। इसके अतिरिक्त, पार्क के बाहर पर्यटन विभाग चाय बगान, काजीरंगा नेशनल ऑर्किड और जैव विविधता पार्क, काकोचांग जलप्रपात और आसपास के गांवों का भ्रमण भी सुझाता है।
पर्यटक काजीरंगा से लगभग 217 किलोमीटर दूर गुवाहाटी और 95 किलोमीटर दूर जोरहाट हवाई अड्डे का उपयोग कर यहां पहुंच सकते हैं। निकटतम रेल स्टेशन जाखालाबांधा है, जो काहोरा से करीब 50 किलोमीटर दूर है। गुवाहाटी से बस और टैक्सी की सुविधा उपलब्ध है। इस तरह, वन्यजीव प्रेमियों के लिए काजीरंगा फिर से एक प्रमुख गंतव्य बन गया है जहाँ वे जीप और जल्द ही हाथी सफारी के साथ घास के मैदान, दलदली इलाके और वन्यजीवों का आनंद ले सकते हैं।




