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पीएम मोदी और व्लादिमीर पुतिन ने 2030 तक 100 बिलियन डॉलर व्यापार का लक्ष्य रखा

नए दिल्ली। भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। दोनों नेताओं ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसे भारतीय राजदूत विनय कुमार ने हाल ही में बताया।

संबंधों का समग्र विकास और व्यापार का लक्ष्य

राजदूत विनय कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने 12 से 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। दोनों नेताओं ने सरकारों को इसके लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है, जिसमें व्यापार और आर्थिक सहयोग का विस्तार शामिल है।

इस सहयोग के तहत ब्रिक्स व्यापार summit में उनके संयुक्त भागीदारी का उल्लेख विशेष रूप से किया गया। इसके साथ ही, पहली बार रूस की एक औद्योगिक प्रदर्शनी “इननोप्रोम-इंडिया” भी नई दिल्ली में आयोजित हुई, जिसमें दोनों देशों के उद्योग क्षेत्रों ने भाग लिया।

रोजगार और निवेश क्षेत्रों में सहयोग

दोनों देशों ने रूसी उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप भारत से कुशल कर्मचारियों की आपूर्ति बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की है। भारत के पास लगभग 1.5 अरब की जनसंख्या है, जिसमें 29 वर्ष का औसत कार्यशील आयु और 69 प्रतिशत कार्यबल है, जो इसे विश्व स्तर पर कुशल कार्यबल का केंद्र बनाने के लिए उपयुक्त बनाता है।

विदेश में काम करने वाले भारतीयों की संख्या रूस के विदेशी श्रमिक कोटा का 25 से 30 प्रतिशत हिस्सा है। इसके अलावा, शिक्षा के क्षेत्र में भी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत ने रूस से भारतीय शिक्षा संस्थानों के साथ साझेदारी करने या यहां रूसी शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है।

दूसरी ओर, निवेश के मामलों में भी दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय निवेश को 50 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे समग्र आर्थिक सहयोग को और मजबूत किया जाएगा।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने यह भी कहा कि भारत जैसा बड़ा देश अपने राष्ट्रीय हितों को पहले रखेगा और भारत-अमेरिका संबंध रूसी सम्बन्धों में रुकावट नहीं डालेंगे। साथ ही, उन्होंने भारत-चीन संबंधों में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को उचित नहीं माना।

आने वाले समय में, दोनों नेता शंघाई सहयोग संगठन (SCO) और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में मिलकर विभिन्न मुद्दों पर बातचीत करेंगे। इसके अलावा, पुतिन ने आगामी द्विपक्षीय वार्षिक शिखर सम्मेलन में भारत आने की उम्मीद जताई है।

यह पहल भारत-रूस संबंधों को न केवल व्यापार और निवेश के क्षेत्र में बल्कि रणनीतिक और सांस्कृतिक स्तर पर भी एक नई दिशा देने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है। दोनों देशों के बीच सहयोग के व्यापक विस्तार से वैश्विक स्थिरता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

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