पर्याप्त नींद के बाद भी सुबह सिरदर्द क्यों होता है जानिए वजह

सुबह उठते ही सिरदर्द होना हमेशा किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन अगर ये समस्या बार-बार हो रही हो, तो इसके कारणों को समझना जरूरी है। सुबह उठते वक्त सिरदर्द का कारण अक्सर सोते समय हुई घटनाएं होती हैं, न कि जागने के बाद की। सीके बिरला अस्पताल, जयपुर के वरिष्ठ न्यूरोलॉजी कंसल्टेंट, डॉ. कपिल खंडेलवाल ने बताया कि कई वजहें हैं जिन पर ध्यान देना चाहिए।
नींद की कमी और अन्य कारण
डॉ. खंडेलवाल के अनुसार, सबसे आम कारण सही तरीके से नींद न लेना है। जो लोग पूरी नींद नहीं लेते या जिनकी नींद में बार-बार बाधा आती है, उन्हें सुबह डुलापन और सिरदर्द महसूस हो सकता है। इसके अलावा, ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया जैसी स्थिति, जिसमें सांस लेने में रुकावट होती है, सुबह सिरदर्द का एक प्रमुख कारण बन सकती है। इस स्थिति में साँस की रुकावट के कारण ऑक्सीजन स्तर बदलता रहता है, जिससे नींद पूरी नहीं हो पाती।
डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी भी सुबह सिरदर्द का कारण हो सकती है, खासकर अगर पिछली तुशील भोजन न करना, ज्यादा पसीना आना या शराब पीना शामिल हो। कुछ लोगों को भोजन छोड़ने या कैफीन की मात्रा घटाने या बढ़ाने से भी सिरदर्द हो सकता है। सोते वक्त दांत पीसने या जबड़े कसने की आदत भी सिर, जबड़े या माथे में दर्द पैदा कर सकती है।
माइग्रेन और दवाओं का प्रभाव
जो लोग माइग्रेन से पीड़ित होते हैं, उनमें नींद में बाधा, तनाव और दिनचर्या में बदलाव से सिरदर्द हो सकता है। इसके अलावा, जो नियमित रूप से दर्द निवारक दवाओं का सेवन करते हैं, उनमें दवा के अधिक उपयोग से भी यह समस्या हो सकती है।
डॉ. खंडेलवाल ने बताया कि दर्द के स्थान और प्रकार को देख कर कुछ संकेत मिल सकते हैं, लेकिन पूरी पहचान के लिए चिकित्सीय जांच जरूरी है। यदि सुबह सिरदर्द आम हो, समय के साथ खराब हो, या खर्राटों, जबड़े दर्द, मतली या दृष्टि संबंधी लक्षणों के साथ हो, तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
कई बार सिरदर्द के साथ कमजोरी, भ्रम, दौरे, तेज बुखार, गर्दन में जकड़न या बोलने और देखने में समस्या जैसी चेतावनी संकेत होते हैं, जो तत्काल चिकित्सा जांच मांगते हैं। गर्भावस्था में नए या बढ़ते हुए सिरदर्द या सिर में चोट के बाद भी तुरंत इलाज आवश्यक है।
लगातार सुबह होने वाले सिरदर्द को मस्तिष्क की गंभीर समस्याओं जैसे ट्यूमर के नजरिये से भी जांचना जरूरी है। डॉ. खंडेलवाल ने कहा कि हर सुबह के सिरदर्द को सिर्फ तनाव या पानी की कमी का नतीजा मानकर टालना सही नहीं है।
अच्छी नींद लेना, पर्याप्त पानी पीना और नियमित भोजन करना कुछ परेशानियों में राहत दे सकता है, लेकिन बार-बार होने वाले सिरदर्द को नजरअंदाज न करें। बेहतर यही है कि डॉक्टर से जांच करवा कर सही इलाज कराया जाए, बजाय खुद से दर्द निवारकों पर निर्भर रहने के।




