केरल के सात जिलों में 6 अक्टूबर को यलो अलर्ट जारी

केरल के सात जिलों में 6 अक्टूबर को यलो अलर्ट जारी किया गया है। अगले कुछ दिनों में राज्य के अधिकांश भागों में गरज के साथ बादल छाने और तेज हवाओं के चलते बिजली गिरने की संभावना है। भारत मौसम विभाग (IMD) ने इस दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मौसम की वर्तमान स्थिति और संभावना
भारत मौसम विभाग के सोमवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, उत्तर इंटीरियर कर्नाटक के ऊपर 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक ऊपरी-हवा चक्रवातिक परिसंचरण सक्रिय है। इसके अलावा, कोमोरीन क्षेत्र से लेकर उत्तर इंटीरियर कर्नाटक तक एक ट्रफ भी बनी हुई है, जो तमिलनाडु और दक्षिण इंटीरियर कर्नाटक के ऊपर से गुजरती है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव में आने के कारण केरल के हिस्सों में गरज के साथ बादल छाने और तेज हवाओं के साथ तूफान की संभावना बनी हुई है।
केरल के इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पालक्कड़, मलप्पुरम, कोझीकोड और वायनाड में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 6 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने स्थानीय लोगों को खास ध्यान रखने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
तापमान में बदलाव और सतर्कता
मौसम विभाग के मुताबिक कोझीकोड और कोल्लम जिलों में अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जबकि केरल के अन्य इलाकों में तापमान में खास बदलाव दर्ज नहीं हुआ। कोझीकोड और पुनालूर माह में सबसे अधिक तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पुनालूर में न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
गरीब और संवेदनशील वर्ग के लोगों को विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है क्योंकि तेज बारिश और तूफान की स्थिति में प्रभावित होने की संभावना बनी रहती है। कृषि एवं ग्रामीण इलाकों में विशेष सतर्कता आवश्यक है।
मौसम विभाग ने लोगों से आग्रह किया है कि वे सभी अपडेट्स पर नजर रखें और आपदा प्रबंधन के निर्देशों का पालन करें। स्कूल, मजदूर और स्थानीय प्रशासन को भी आने वाले दिनों में मौसम की गंभीरता के अनुसार तैयार रहने को कहा गया है।
केरल में मानसून के बाद मौसम में बदलाव के कारण इन दिनों ऐसी स्थिति उत्पन्न हो रही है, जो मानसून के समापन और उत्तर-पूर्वी हवाओं के प्रवेश के बीच की प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे राज्य के ज्यादातर हिस्सों में अस्थिर मौसम का दौर जारी रहेगा।
मौसम विभाग ने यह भी बताया कि 9 अक्टूबर तक इस स्थिति में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि वे अस्थिर मौसम के बीच यात्राएं करते समय सावधानी बरतें और जरूरत से ज्यादा जोखिम न लें।
इस यलो अलर्ट के तहत आने वाले जिलों में प्रशासनिक स्तर पर भी अलर्ट जारी किया गया है ताकि आपातकालीन सेवाएं बाधित न हों और बारिश के दबाव को प्रभावी तरीके से संभाला जा सके। फिर भी आम जनता को स्वयं भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।




