मार्को रूबियो ने वाशिंगटन में वेनेजुएला के विदेश मंत्री से मुलाकात की

वाशिंगटन में 2 नवंबर को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने वेनेजुएला के विदेश मंत्री ओलिवर ब्लैंको से मुलाकात की। इस बैठक का मकसद उस चुनावी तैयारी पर तेजी लाना था, जिसका आयोजन अगले साल हो सकता है। ट्रंप प्रशासन ने अस्थायी सरकार और विपक्षी निकायों से चुनाव प्रक्रिया को गति देने का दबाव बढ़ाया है।
चुनावी सुधारों पर चर्चा
रूबियो और ब्लैंको के बीच हुई बातचीत ट्रंप प्रशासन की उस पहल का हिस्सा है, जिसमें वेनेजुएला के चुनावी सिस्टम में सुधार के लिए काम किया जा रहा है। दो सप्ताह पहले ही देश के अधिकारी और विपक्ष ने एक योजना पर सहमति जताई थी, जिससे चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हो सकें। यह चुनाव 2027 में आयोजित किये जाने की संभावना है।
इस बैठक में दोनों नेताओं ने संवाद के दौरान कोई बयान नहीं दिया, लेकिन तस्वीरें खिंचवाते हुए उनकी मौजूदगी को गंभीरता से लिया गया। इस वार्ता से यह संकेत मिलता है कि अमेरिका वेनेजुएला की चुनावी प्रक्रिया को लेकर सक्रिय है और दोनों पक्षों से सहयोग की उम्मीद करता है।
ट्रंप प्रशासन की निगरानी और उद्देश्य
रूबियो ने पिछले सप्ताह वेनेजुएला के बारे में एक बयान में कहा था कि ट्रंप प्रशासन देश में हो रही घटनाओं पर करीब से नजर रखेगा। प्रशासन सभी पक्षों से नए चुनावी सिस्टम के पालन की अपील करता रहेगा। उनका मकसद ऐसा स्थायी चुनाव तंत्र बनाना है, जिससे हर राजनीतिक दल को मतगणना में भरोसा हो।
यह बैठक वो उच्च स्तरीय मुलाकात थी, जिसमें ट्रंप प्रशासन के किसी वरिष्ठ अधिकारी ने वेनेजुएला के अस्थायी अध्यक्ष डेल्सी रोड्रिगेज की सरकार के प्रतिनिधि से वार्ता की। इससे पहले सितंबर में रोड्रिगेज ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ट्रंप से मुलाकात की थी।
अगस्त में अमेरिका के ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने वेनेजुएला की राजधानी कराकास में रोड्रिगेज और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी, जहां एक बड़ा तेल समझौता भी किया गया था।
डेल्सी रोड्रिगेज वेनेजुएला की सरकार की अगुवाई कर रही हैं, जो जनवरी में अमेरिका की सैन्य छापेमारी के बाद बनी, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मदुरो को पकड़कर अमेरिका लाया गया था। मदुरो पर ड्रग तस्करी के आरोप लगे हैं, जो वह पूरी तरह से नकारते हैं।
मार्को रूबियो पहले भी वेनेजुएला के वर्तमान और पूर्व संसद के अध्यक्षों से मिल चुके हैं। वे विपक्षी नेता मारिया कोरिना माचाडो से भी बात कर चुके हैं, जो पिछले महीने देश वापस आई हैं। यह सारी कोशिशें चुनाव को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए की जा रही हैं।




