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अभीष्ट दवाओं के विकास में शोध का महत्वपूर्ण योगदान

Rhogenites Biotech India Pvt. Ltd. की चीफ साइंटिफिक ऑफिसर ने बताया कि उनका उद्देश्य दुनिया भर के गंभीर संक्रमणों से निपटने के लिए नए थेरेप्यूटिक अणुओं का निर्माण करना है। कंपनी विशेष रूप से ट्यूबरकुलोसिस और ड्रग-प्रतिरोधी संक्रमणों का मुकाबला करने पर काम कर रही है। यह शोध विज्ञान को व्यावहारिक, सस्ते इलाज में बदलने का प्रयास है जो भारत और अन्य संसाधन-लिमिटेड क्षेत्रों के मरीजों तक पहुँच सके।

विश्व स्तर पर एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध की चुनौती

एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस (AMR) के कारण सालाना 1.1 मिलियन मौतें होती हैं और इसके अन्य 4.7 मिलियन मौतों में संबंध है। भारत AMR से होने वाली मौतों का 25% हिस्सा रखता है। ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) दुनिया की सबसे घातक बीमारियों में है, जो विशेष रूप से कम और मध्यम आय वाले देशों को प्रभावित करता है। Rhogenites बोयोटेक अपने विशेष अणुओं के जरिये सुरक्षित और किफायती विकल्प विकसित कर इस चुनौती का समाधान ढूँढने का प्रयास कर रहा है।

यह कंपनी नए श्रेणी के उपचार बनाने की दिशा में काम कर रही है ताकि दवाओं की कमी को पूरा किया जा सके और ये दवाएं केवल अमीर बाजारों तक ही सीमित न रहें।

शोध से इलाज तक का सफर

इस काम में सबसे उत्साहजनक बात यह है कि विज्ञान सीधे मरीजों तक पहुँच रहा है। कंपनी के एंटी-टीबी और AMR कार्यक्रमों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर मान्यता मिली है और फंडिंग भी हासिल हुई है। यह दिखाता है कि उनके द्वारा डिजाइन किए गए अणु लब से सीधे दवाओं में बदले जा सकते हैं जो वास्तविक दुनिया में प्रभावशाली साबित हों।

कॉलेज के अनुभवों ने भी इस दिशा में प्रेरित किया। उनके फाइनल ईयर फार्मेसी प्रोजेक्ट के दौरान चेन्नई के Adyar Cancer Institute में रोगियों को देखा, जिनके संक्रमण मानक दवाओं से इलाज नहीं हो पा रहे थे। इससे उन्हें यह समझ आई कि अनुसंधान को प्रभावी दवाओं में बदलना कितना जरूरी है।

इस क्षेत्र में काम करने वाले छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है कि वे रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान, कंप्यूटिंग और क्लिनिकल जरूरतों को समझें। डॉक्टर होना जरूरी नहीं है, लेकिन रोग और मरीज को अच्छी तरह जानना आवश्यक है। अणु डिजाइन करना कठिन नहीं होता, पर इसे सुरक्षित, निर्माण योग्य और सस्ता बनाना चुनौतीपूर्ण है।

इस तरह Rhogenites Biotech का मिशन विज्ञान के नए विकास को मरीजों तक पहुँचाना और समाज की स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान करना है।

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