रायपुर कोर्ट ने Sourabh Chandrakar को CBI हिरासत में आठ दिन दिए

रायपुर में एक विशेष CBI कोर्ट ने बुधवार, 4 नवंबर को ₹6,000 करोड़ के महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले के मुख्य आरोपी Sourabh Chandrakar को आठ दिनों के लिए CBI की हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इससे पहले उन्हें ओमान से दिल्ली लाया गया था और मंगलवार शाम को एक प्राइवेट फ्लाइट से रायपुर पर लाया गया था।
CBI हिरासत और दिल्ली में पूछताछ की मंजूरी
सीबीआई ने Sourabh Chandrakar की 10 दिन की हिरासत मांगी थी, लेकिन अदालत ने आठ दिन की हिरासत मंजूर की। कोर्ट ने सीबीआई को आरोपी को दिल्ली ले जाने और वहां पूछताछ करने की अनुमति भी दी। दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय संधियों और प्रत्यर्पण नियमों के अनुसार जांच दिल्ली में ही करने का अनुरोध किया था, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
अदालत में दलील दी गई कि प्रत्यर्पण केवल उस मामले के लिए किया जाता है जिसके लिए व्यक्ति को प्रत्यर्पित किया गया हो। Chandrakar के मामले में, यह मामला PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002) के तहत है, जिसका जांच निदेशालय-नियंत्रण करता है।
महादेव सट्टा मामले की जांच का हाल
साल 2024 में CBI को महादेव ऐप स्कैम से जुड़े कुछ मामलों की जांच मिली थी, जबकि ED मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा है। महादेव ऑनलाइन बुक सट्टा एक बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय सट्टा सिंडिकेट के रूप में काम करता था, जो क्रिकेट, फुटबॉल, कार्ड गेम और अन्य खेलों पर अवैध सट्टा लगाता था। यह जैविक रूप से भारत में विक्रेताओं और शाखाओं के एक नेटवर्क के माध्यम से संचालित था।
CBI ने कोर्ट को बताया कि आरोपी पर गिरफ्तारी वारंट जारी था और उसे गिरफ्तार कर जांच के लिए हिरासत में लेने की मांग की गई है। सुरक्षा कारणों से आरोपी की रायपुर में हिरासत उचित नहीं समझी गई, इसलिए उसे दिल्ली ले जाने की मंजूरी दी गई।
ED ने महादेव सट्टा मामले में Vikas Garg और उनके परिवार के नाम पर ₹941 करोड़ के चल-अचल संपत्ति जब्त की है। यह मामला देश के सबसे बड़े ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट में से एक के संबंध में है।
मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel को 2024 में एक एफआईआर में सह-आरोपी के रूप में नामित किया गया था। आरोप है कि इस केस में सुरक्षा पैसे भी लिए गए थे, जिनका पर्दाफाश प्रत्यर्पण के बाद होना है।
इस पूरे मामले की जांच अभी जारी है और आरोपी की आठ दिन की CBI हिरासत में पूछताछ से कई अहम खुलासे होने की संभावना है। CBI के साथ ED भी मनी लॉन्ड्रिंग जांच में संलग्न है और मामले की पूरी गहराई से पड़ताल कर रहा है।
मुख्य बिंदु:
- रायपुर में CBI ने Sourabh Chandrakar को आठ दिन की हिरासत में लिया।
- अदालत ने दिल्ली में पूछताछ की अनुमति दी है।
- महादेव ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट से जुड़े बड़े पैमाने की जांच चल रही है।
- ₹941 करोड़ की संपत्तियां ED ने जब्त की हैं।




