राष्ट्रीय

तेलंगाना में रासायनिक रिएक्टर गैरकानूनी रूप से भाड़े पर देने का मामला EAGLE ने जताया

तेलंगाना में रासायनिक रिएक्टर और अन्य संरचनाओं के गैरकानूनी रूप से भाड़े पर दिए जाने का मामला सामने आया है, जिससे अवैध सिंथेटिक ड्रग्स निर्माण में सहायता मिल रही है। इस कारण राज्य भर के फार्मास्यूटिकल और रासायनिक उद्योगों की कड़ी जांच शुरू कर दी गई है।

गोपनीय ड्रग उत्पादन में रिएक्टरों के दुरुपयोग का खुलासा

EAGLE फोर्स ने सोमवार को बताया कि पहले की गई ड्रग बरामदगी की जांच में पता चला है कि कुछ रासायनिक रिएक्टर बिना अनुमति के किराए पर दिए गए थे। इनमें बिबीनगर के कोंडमाडुगु गांव में स्थित वेटुकुरी लैब्स शामिल है, जहां मेफेड्रोन की अवैध निर्माण गतिविधि पकड़ी गई थी। साथ ही मौलाली के एसएम लैब्स में अल्प्राजोलम के अवैध संश्लेषण का भी पता चला है।

5 अक्टूबर को Banjara Hills के मुख्यालय में EAGLE फोर्स की बुलायी गई एक उच्च स्तरीय समन्वय बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उभरा। बैठक में ड्रग नियंत्रण, प्रदूषण नियंत्रण, फैक्ट्री विभाग, एक्साइज और पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

कड़ी कार्रवाई और सतर्कता बढ़ाने का निर्णय

अधिकारियों ने रासायनिक रिएक्टर समेत निर्माण उपकरणों को अनाधिकृत व्यक्तियों को देने को गंभीर चिंता का विषय माना है और ऐसे व्यवसायों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है।

जांच की सीमा केवल औद्योगिक इकाइयों तक सीमित नहीं है। EAGLE के अधिकारी बताते हैं कि पोल्ट्री फार्मों और सुनसान मकानों में भी गुप्त अवैध ड्रग निर्माण के प्रयास देखे गए हैं, जिससे पता चलता है कि उत्पादन को पारंपरिक प्रयोगशालाओं से दूर ले जाने की कोशिशें हो रही हैं।

एक अन्य मामले में, प्रोपोफोल को “एसी कंप्रेसर ऑयल” के रूप में गलत घोषित कर ताइवान भेजने का आरोप लगा है। लगभग 80 उद्योगों में कच्चे रसायनों के भंडारों की अचानक जांच के दौरान 200 किलोग्राम से ज्यादा एसिटिक ऐन्हाइड्राइड के अभाव की भी पुष्टि हुई, जिसके बाद जांच आगे बढ़ाई गई।

बैठक में तेलंगाना की विभिन्न रासायनिक इकाइयों, प्रयोगशालाओं और अनुसंधान केंद्रों के बीच डेटा साझा करने और एकीकृत करने पर चर्चा हुई, ताकि संदेहास्पद गतिविधियों का पहले पता लगाया जा सके।

रासायनिक और औषधि निर्माताओं को स्वयंसेवी आचार संहिता का पालन करने के लिए भी जागरूक किया जाएगा, जिसमें संदिग्ध लेन-देन की पहचान और precursor chemicals के जोखिम संकेत शामिल हैं। EAGLE ने बॉलरम, जिन्नारम, चेरलापल्ली, जीदमेटला, पशमायलारम, बालानगर, यादवद्री-भुवनगिरी और पटनचेरे जैसी औद्योगिक जगहों में काम करने वाले निर्माताओं से मुलाकातें करने की योजना बनाई है।

साथ ही, प्रयोगशाला उपकरणों जैसे राउंड-बॉटम फ्लास्क, हॉट वाटर बाथ, डिस्टिलेशन कॉलम, स्टिरर और सेंट्रीफ्यूज प्रदान करने वाली कंपनियों की भी जांच की जाएगी, क्योंकि ये उपकरण गुप्त ड्रग निर्माण में उपयोग हो सकते हैं। ट्रांसपोर्ट, कूरियर और लॉजिस्टिक्स कंपनियों से भी निगरानी बढ़ाने और लेन-देन के सही रिकॉर्ड रखने को कहा जाएगा, ताकि सामानों की ट्रेसेबिलिटी सुनिश्चित हो सके। EAGLE इसके लिए इन संगठनों के साथ भी खास बैठक आयोजित करेगा।

सोमवार की बैठक की अध्यक्षता EAGLE फोर्स के निदेशक संदीप शांडिल्य ने की, जिसमें TG SAFE की ड्रग्स विंग, तेलंगाना प्रदूषण बोर्ड, फैक्ट्री विभाग, निषेध और एक्साइज विभाग तथा हैदराबाद, साइबराबाद, मल्काजगिरि, फ्यूचर सिटी, संगारेड्डी और यादवद्री-भुवनगिरी पुलिस के अधिकारी उपस्थित थे।

Source

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button