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पुदुचेरी बायपोल 2026: थत्तनचावडी विधानसभा क्षेत्र प्रोफाइल और उम्मीदवार

पुदुचेरी के थत्तनचावडी विधानसभा क्षेत्र में 6 अक्टूबर 2026 को उपचुनाव होने जा रहा है, जिसमें कांग्रेस, DMK, AINRC और CPI प्रमुख उम्मीदवारों के रूप में शामिल हैं। मुख्यमंत्री और AINRC संस्थापक एन. रंगासामी ने मनगलेम क्षेत्र से दूसरी सीट जीतने के बाद इस सीट को खाली किया है।

थत्तनचावडी विधानसभा क्षेत्र और उपचुनाव का परिचय

थत्तनचावडी, औलगारेट नगरपालिका के अधीन एक प्रमुख शहरी विधानसभा क्षेत्र है, जो राजनीति में अपनी भूमिका के कारण चर्चा में है। यह क्षेत्र राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एन. रंगासामी का मजबूत गढ़ माना जाता है, जिन्होंने इसे लगातार चार बार जीतकर अपनी पकड़ मजबूत की है। अप्रैल 2026 के विधानसभा चुनावों में रंगासामी ने मनगलेम सीट जीती और इस खिताब के साथ उन्होंने थत्तनचावडी सीट खाली कर दी।

यह उपचुनाव पुदुचेरी की राजनीतिक स्थिति को नया मोड़ देने वाला हो सकता है क्योंकि यहां के मतदाता क्षेत्रीय और स्थानीय विकास समस्याओं को लेकर काफी सतर्क हैं। रोजगार के अवसरों की कमी और थत्तनचावडी इंडस्ट्रियल एस्टेट में इकाइयों के न खुलने का मामला भी मुख्य राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है।

उम्मीदवार और चुनावी स्थिति

इस उपचुनाव में चार मुख्य दल अपने उम्मीदवारों के साथ मैदान में हैं। शासक AINRC ने पूर्व विधायक अशोक आनंद को उम्मीदवार बनाया है, जिसे NDA का समर्थन प्राप्त है जिसमें BJP और AIADMK शामिल हैं। कांग्रेस ने ई. विनायकम को मैदान में उतारा है, जो अप्रैल 2026 चुनाव में एक क्षेत्रीय दल के टिकट पर दूसरे स्थान पर रहे थे।

DMK ने पूर्व CPI नेता के. सेतु सेल्वम को मैदान में उतारा है, जो इस चुनाव में मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। वहीं CPI ने अपने पार्टी सचिव ए. एम. सलीम को उम्मीदवार बनाया है, जिससे प्रतिस्पर्धा और कड़ी हो गई है।

थत्तनचावडी विधानसभा क्षेत्र में कुल 26,921 मतदाता हैं, जिनमें 14,341 महिलाएं, 12,575 पुरुष और पांच तीसरे लिंग के मतदाता शामिल हैं। यहाँ चुनाव परिणाम व्यक्तिगत संपर्क और उम्मीदवारों की जनता के साथ संबंधों पर निर्भर करता है। यह क्षेत्र कई सालों से यातायात जाम, आवारा कुत्तों और अन्य बुनियादी ढांचा समस्याओं से जूझ रहा है, जो चुनाव के दौरान बार-बार चर्चा में रहते हैं।

इस उपचुनाव से न केवल थत्तनचावडी की राजनीतिक दिशा तय होगी, बल्कि यह पुदुचेरी की व्यापक राजनीतिक संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है। मतगणना 9 अक्टूबर को होगी, जिससे चुनाव का अंतिम परिणाम सामने आएगा।

थत्तनचावडी विधानसभा उपचुनाव पुदुचेरी के राजनीतिक परिदृश्य में नए अध्याय की शुरुआत कर सकता है। मतदाता क्षेत्रीय विकास और नेतृत्व की गुणवत्ता दोनों पर अपना निर्णय देंगे। यह चुनाव क्षेत्र की जनता के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा, जो स्वच्छ और विकासशील थत्तनचावडी का सपना देखती है।

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