यूएस विशेष दूत ने सूडान के शीर्ष जनरल से की विवाद विराम की दुर्लभ बैठक

संयुक्त राज्य अमेरिका के विशेष दूत मासद बूलस ने सूडान के शीर्ष जनरल अब्देल-फतह बुरहान से मिलकर उस देश में जारी संघर्ष को समाप्त करने की कूटनीतिक पहल को बढ़ावा दिया है। ये बैठक 4 अक्टूबर 2026 को मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल-फतह एल-सिसी द्वारा आयोजित अफ्रीकी यूनियन की मध्य-वर्षीय बैठक के दौरान हुई।
संयुक्त राज्य की मध्यस्थता और बैठक का उद्देश्य
मासद बूलस, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अरब और अफ्रीकी मामलों के वरिष्ठ सलाहकार हैं, ने इस मुलाकात के बाद कहा कि उनकी कोशिशों का मकसद सूडान की सुरक्षा और स्थिरता बहाल करना है। देश के पुनर्निर्माण और विकास के लिए एक समावेशी और सूडान-स्वामित्व वाली राष्ट्रीय संवाद की शुरुआत का लक्ष्य भी है ताकि एक नागरिक नेतृत्व वाली सरकार की ओर संक्रमण हो सके।
यह दुर्लभ बैठक ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका, मिस्र सहित अन्य मध्यस्थ जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए सूडानी पक्षों पर बातचीत के लिए दबाव बढ़ा रहे हैं। इस संघर्ष में अब तक लगभग 59,000 लोग मारे गए हैं और 13 मिलियन से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं, जिससे सूडान के कई हिस्से अकाल की स्थिति में हैं।
सूडान में युद्ध की वर्तमान स्थिति
सूडान में चल रही लड़ाई अप्रैल 2023 में शुरू हुई, जब सेना और शक्तिशाली पैरा मिलिट्री बल, रैपिड सपोर्ट फोर्सेस, के बीच सत्ता संघर्ष ने राजधानी खार्तूम और देश के अन्य हिस्सों में खुली लड़ाई को जन्म दिया। इसके बाद से कई शांति वार्ताएं हुईं, लेकिन युद्ध को समाप्त करने में वे सफल नहीं रहीं।
इस बीच, सूडान के विदेश मंत्री मोहिद्दीन सलीम अहमद इब्राहिम ने सितंबर के अंत में अमेरिका पर आरोप लगाया था कि उसने बुरहान को अक्टूबर के संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होने के लिए वीजा देने से इंकार कर दिया। अमेरिका ने तब कोई टिप्पणी नहीं की।
हालांकि पिछले कुछ महीनों में बार-बार शांति प्रयास विफल रहे हैं, लेकिन मासद बूलस और ट्रंप प्रशासन के अन्य अधिकारी मानते हैं कि अभी भी एक क्षेत्रीय समझौते के जरिए तत्काल मानवतावादी युद्धविराम हासिल किया जा सकता है। इसमें सैनिकों की कुछ वापसी और सुरक्षित ह्यूमेनिटेरियन कॉरिडोर स्थापित करना शामिल है।
मासद बूलस ने अपनी पोस्ट में कहा, “संयुक्त राज्य सूडानी राजनीतिक ताकतों के बीच एक व्यापक संवाद के लिए सभी प्रयासों का समर्थन करने के लिए तैयार है, जो सूडान के भविष्य के लिए एक प्रारंभिक रोडमैप तय करेगा।”
इस प्रकार, अमेरिकी मध्यस्थता सूडान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम है। संघर्ष के चलते भारी मानवीय संकट के बीच यह प्रयास देश में स्थिरता और शांति स्थापित करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। आगे की वार्ताओं में क्या निष्कर्ष निकलता है, यह क्षेत्र और पूरी दुनिया गहराई से देख रहे हैं।




