यमन राष्ट्रपति ने सभी हौती क्षेत्र वापस लेने के लिए सैन्य अभियान की घोषणा की

यमन के राष्ट्रपति परिषद के अध्यक्ष राशद अल-आलिमी ने रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि यमन में हौती समूह के कब्जे वाले सभी इलाकों को वापस लेने के लिए एक नया सैन्य अभियान शुरू किया जाएगा। यह कदम तब आया है जब हौती लड़ाकों ने जमीन पर नई सफलताएं हासिल की हैं और सरकार के कब्जे वाले एक शहर को घेर लिया है।
सैन्य अभियान का उद्देश्य और हौथियों की हालिया प्रगति
सरकार का यह अभियान देश के विभिन्न हिस्सों में हौथियों के नियंत्रण को समाप्त कर अपनी सीमाएं फिर से स्थापित करने के लिए महत्वाकांक्षी है। हाल ही में, हौथियों ने रेड सी तटरेखा और बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य के आस-पास इलाकों पर तेज़ी से कब्जा कर लिया था, जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग के लिए काफी महत्वपूर्ण है।
यमन सरकार को सऊदी अरब की सैन्य सहायता के बावजूद हौथियों की इस तेजी से बढ़ती पेशकश को रोकने में कठिनाई हो रही है। हौती लड़ाकों ने रविवार को राजधानी सना में एक बार फिर सऊदी तेल बुनियादी ढांचे पर हमला किया था।
राशद अल-आलिमी ने कहा कि सभी सशस्त्र बल जल्द से जल्द अपनी निर्धारित भूमिकाएं निभाएं ताकि देश को हौती आतंकवादी मिलिशिया के कब्जे से मुक्त कराया जा सके। उन्होंने सभी को राष्ट्र की पूर्ण सत्ता बहाली तक मिशन पर कार्य करने का आह्वान किया।
ताइज़ शहर पर हौथियों का दबाव
घोषणा के कुछ घंटे बाद, हौथियों ने ताइज़ शहर को एदेन से जोड़ने वाली मुख्य आपूर्ति मार्ग को काट दिया है। यह शहर सरकार के नियंत्रण में है लेकिन हौथियों ने इसे उत्तर, पूर्व और पश्चिम से घेर रखा है। वर्तमान में, ताइज़ तरह-तरह की लड़ाइयों का केन्द्र बना हुआ है।
चार सुरक्षा सूत्रों ने पुष्टि की कि हौथियों की सेनाओं ने अल-सफिया क्षेत्र में पुलिस चौकी और रोड पर कब्जा कर ताइज़ को एदेन से अलग किया है। इस कदम ने ताइज़ को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है और इलाके में संघर्ष अभी भी जारी है।
चैथम हाउस के शोध साथी फरिया अल-मुसलिमी ने कहा कि हौथियों ने ताइज़ को एदेन से अलग करने में सफलता हासिल कर ली है, हालांकि अभी पूरी तरह से कब्जा नहीं किया है। उन्होंने सरकार के सैन्य अभियान के प्रभाव पर संदेह भी व्यक्त किया।
यमन की लड़ाई और हौथियों के खिलाफ सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन की भूमिकाओं के बीच संघर्ष बढ़ता जा रहा है, और अभी तक इस युद्ध का कोई निश्चित अंत नजर नहीं आ रहा है। वहां का हालात गंभीर बने हुए हैं।
सऊदी अरब और हौथियों के बीच संघर्ष
यमन के गृह युद्ध ने जुलाई से फिर गति पकड़ ली है, जिसमें पश्चिम एशिया के व्यापक संघर्ष का पृष्ठभूमि भी है। सऊदी अरब, जो 2015 से हौथियों के खिलाफ गठबंधन का नेतृत्व कर रहा है, कई बार अपनी सीमाओं पर किए गए हमलों का सामना कर रहा है।
हौती सेना के प्रवक्ता यहिया सारी ने बताया कि उनके बलों ने सऊदी अरब के तेल क्षेत्र खुरैस और रियाद में अरामको की साइटों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। इन हमलों से बड़े पैमाने पर आग भड़की है।
सऊदी तेल निर्यात पहले से ही ईरान के स्ट्रेट ऑफ़ हार्मुज को अवरुद्ध करने की वजह से दबाव में है। यमन की सरकार ने भी हाल ही में हौथियों के ठिकानों को निशाना बनाया है, लेकिन इसके लिए मुख्य हवाई हमलों की जिम्मेदारी सऊदी गठबंधन की मानी जा रही है।
यमन दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक है और गृह युद्ध ने वहाँ एक भयंकर मानवीय संकट पैदा कर रखा है। 2014 में हौथियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन 2015 में हस्तक्षेप करने लगा।




