दिल्ली कोर्ट ने ब्रज भूषण को जमानत के खिलाफ जवाब देने का समय दिया

दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व पहलवान संघ के अध्यक्ष ब्रज भूषण शरण सिंह को महिलाओं द्वारा दर्ज यौन प्रताड़ना मामले में उनके बरी होने के खिलाफ याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया। यह सुनवाई नई दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में हुई।
अभियोजना और अदालत की कार्यवाही
अदालत ने इस मामले में पुलिस से पूछा कि क्या वे फैसले के खिलाफ अपील दायर करेंगे, तो लोक अभियोजक ने कहा कि इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है और उन्होंने अदालत से 15 दिन का समय मांगा है। न्यायाधीश दिग्विनय सिंह ने ब्रज भूषण को अपनी जवाबी याचिका दाखिल करने के लिए समय दिया और मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को निर्धारित की। सुनवाई शुरू होने पर यह proceedings निजी तौर पर (in camera) होंगी।
ब्रज भूषण शरण सिंह इस सुनवाई में मौजूद थे। इस मामले में दिल्ली पुलिस और पूर्व डब्ल्यूएफआई सहायक सचिव विनोद तोमर को भी नोटिस जारी किए गए हैं।
महिला पहलवानों की याचिका और मामला
चार महिला पहलवानों ने पूर्व डब्ल्यूएफआई प्रमुख के बरी किए जाने के खिलाफ अदालत का रुख किया है। वे इस फैसले को पुरानी और रूढ़िवादी सोच मानती हैं, जो पीड़ितों के expected व्यवहार के बारे में गलत धारणा पर आधारित है। उन्होंने आरोप लगाया है कि एफआईआर में पाए गए सबूतों की selective और गलत व्याख्या की गई है।
यह याचिका उन छह महिला पहलवानों की तरफ से की गई है, जिनमें विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता विनेश फोगाट भी शामिल हैं। अगस्त 3 को एक मजिस्ट्रेट अदालत ने ब्रज भूषण शरण सिंह सहित अन्य को सबूतों की कमी के आधार पर बरी कर दिया था।
महिला पहलवानों ने इस फैसले को कानूनन असंवैधानिक बताते हुए कहा कि इससे न्याय के स्थापित सिद्धांतों का उल्लंघन होता है और यह अनुमान एवं अहितकारी धारणा पर आधारित है।
जिस तरह से मामला कोर्ट में चल रहा है, उससे अगले चरण में सुनवाई निजी तौर पर होगी, जिसका उद्देश्य संवेदनशील जानकारी सुरक्षित रखना बताया गया है।
इस पूरे मामले में अदालत ने स्पष्ट किया है कि वह सभी पक्षों के जवाब मिलने के बाद ही अगले कदम उठाएगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि कानूनी प्रक्रिया निष्पक्ष और न्यायसंगत तरीके से आगे बढ़े।




