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कांग्रेस और बीजेपी-जेडी(एस) उम्मीदवारों ने घोषित की नामांकन फाइलिंग, उत्तर-पूर्व शिक्षकों की सीट पर मुकाबला

कलबुरुगि के मिनी विधानसभा सदन में सोमवार को कांग्रेस और बीजेपी-जेडी(एस) गठबंधन के उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए, जिससे उत्तर-पूर्व शिक्षकों की सीट के लिए चुनावी मुकाबला हाई-वोल्टेज हो गया है। यह घटना क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियों को और भी तेज कर रही है।

नामांकन प्रक्रिया में राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन

कांग्रेस के शरणप्पा मट्टूर ने इस मौके पर अपना नामांकन सभी प्रक्रिया पूरी करते हुए सौंपी। उन्होंने रिटर्निंग अधिकारी और क्षेत्रीय आयुक्त जहीरा नसीम के समक्ष दस्तावेज जमा किए। इस दौरान चिकित्सा शिक्षा मंत्री शरण प्रकाश पाटिल, सांसद राधाकृष्णा डोडमानी, विधायक अल्लमप्रभु पाटिल, कनीज फातिमा और कई कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।

इसके पूर्व बीजेपी-जेडी(एस) गठबंधन के उम्मीदवार शशिल नामोशी ने भी जहीरा नसीम के समक्ष अपना नामांकन दाखिल किया। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता बी.एस. येदियुरप्पा कलबुरुगि पहुंचे और उन्होंने शशिल का समर्थन किया। उनके साथ पूर्व मंत्री बांदेप्पा कसेमपुर, पूर्व सांसद उमेश जाधव समेत कई बीजेपी नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।

चुनाव की तैयारियां और आगामी मुकाबला

मिनी विधानसभा सदन परिसर में दोनों पक्षों के समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने कांग्रेस और बीजेपी-जेडी(एस) गुटों के बीच ताकत का प्रदर्शन किया। समर्थकों ने जोरदार नारे लगाए और नामांकन प्रक्रिया को एक बड़ी राजनीतिक सभा का रूप दिया।

उत्तर-पूर्व शिक्षकों की सीट के लिए तय चुनाव 23 अक्टूबर को होना है। यह मुकाबला ऊर्जावान और प्रतिस्पर्धात्मक होने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों ओर के उम्मीदवार शिक्षक समाज में अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।

यह सीट शिक्षकों के लिए विशेष महत्व रखती है, इसलिए राजनीतिक दल अपनी पूरी शक्ति के साथ चुनाव लड़ रहे हैं। इस क्षेत्र के चुनावी परिणाम से आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज्य के शैक्षिक क्षेत्र में किसका प्रभाव रहेगा।

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस बार की प्रतिस्पर्धा बेहद करीबी होने वाली है, क्योंकि दोनों उम्मीदवारों की तरफ से चुनाव प्रचार में तेजी दिखाई दे रही है, जिससे मतदाताओं में उत्सुकता भी बढ़ रही है।

कलबुरुगि में आयोजित यह नामांकन प्रक्रिया दोनों पक्षों की राजनीतिक ताकत का परिचायक साबित हुई है। आगामी चुनाव के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और वोटिंग के दिन पूरे क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था भी की जाएगी।

इस क्षेत्र के शिक्षक समुदाय के प्रत्याशियों के लिए यह चुनाव अपनी भूमिका और प्रभाव को बढ़ाने का अवसर है। अब सबकी निगाहें 23 अक्टूबर को होने वाले चुनाव पर टिकी हैं।

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