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अमेरिका के एडमिरल पपारो ने नई दिल्ली में भारतीय सैन्य नेतृत्व से की मुलाकात

अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पपारो ने नई दिल्ली में आयोजित एक डिनर के दौरान भारत के शीर्ष सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की। यह कार्यक्रम 4 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के द्वारा रूजवेल्ट हाउस में आयोजित किया गया था। इस मुलाकात का उद्देश्य भारत-अमेरिका के प्रमुख रक्षा साझेदारी को और मजबूत बनाना था।

भारतीय सैन्य नेतृत्व के साथ बातचीत

इस कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणी, आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ, एयर स्टाफ के वाइस चीफ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित और इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के चीफ एयर मार्शल तेजिंदर सिंह समेत अन्य वरिष्ठ रक्षा अधिकारी भी मौजूद थे। एडमिरल पपारो ने भारत के सैन्य नेतृत्व के साथ विभिन्न सामरिक मुद्दों पर गहन चर्चा की।

इस मुलाकात के दौरान उभरती रक्षा तकनीक, समुद्री सहयोग, क्षेत्रीय रणनीतिक स्थिरता और रक्षा ऊर्जा क्षमता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बातचीत हुई। एडमिरल पपारो ने भारतीय सहयोगियों के साथ साझा सुरक्षा प्राथमिकताओं को बढ़ाने पर जोर दिया।

रक्षा और आर्थिक रिश्तों में वृद्धि

इस डिनर में आर्थिक क्षेत्र की भागीदारी भी थी। मोंटाना के राज्यपाल ग्रेग जियानफोर्टे और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी इस अवसर पर मौजूद थे, जिससे द्विपक्षीय रक्षा और आर्थिक संबंधों की व्यापकता स्पष्ट हुई।

अमेरिकी राजदूत कार्यालय ने बताया कि यह बैठक भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूत नींव का प्रतीक थी, जो रक्षा और आर्थिक क्षेत्रों में लगातार विस्तार कर रही है।

एडमिरल पपारो की यह यात्रा उन समय में हुई है जब भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग गहराता जा रहा है। दोनों देश Indo-Pacific क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग, समुद्री सुरक्षा, तथा रक्षा तकनीक में सहयोग बढ़ाने के इच्छुक हैं।

अमेरिका का इंडो-पैसिफिक कमांड, जो सबसे पुराना और बड़ा भौगोलिक युद्ध कमांड है, इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य संचालन का समन्वय करता है। एडमिरल पपारो के नेतृत्व में यह कमांड क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

भारत और अमेरिका के बीच इस प्रकार की उच्चस्तरीय सैन्य बातचीत द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी को मजबूती प्रदान करती है और क्षेत्रीय चुनौतियों के समाधान के लिए रणनीतिक टीमें बनाती है। आगामी समय में इन सहयोगों के और विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है।

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