
जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल की छात्रा अमायरा के आत्महत्या मामले में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बड़ा निर्णय लेते हुए स्कूल की मान्यता रद्द कर दी है। सीबीएसई के आदेश के अनुसार यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है, हालांकि 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। इस कार्रवाई के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
पिता ने जताई संतुष्टि, लेकिन देरी पर सवाल
अमायरा के पिता ने सीबीएसई के फैसले पर संतोष जताया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इस निर्णय में दो माह से अधिक का समय लग गया। उनका कहना है कि सीबीएसई ने अपना दायित्व निभाया है, लेकिन अब राज्य सरकार और शिक्षा विभाग को भी स्कूल के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में अन्य लापरवाह स्कूलों पर अंकुश लगाया जा सके।
सीबीएसई जांच में लापरवाही स्वीकार
अमायरा के पिता के अनुसार, सीबीएसई की जांच टीम ने स्कूल का निरीक्षण किया था और माना कि स्कूल प्रशासन ने गंभीर लापरवाही बरती। उनका कहना है कि यदि स्कूल प्रशासन सतर्क रहता तो अमायरा को बचाया जा सकता था। स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं थी, जो इस घटना का बड़ा कारण बनी।
राज्य सरकार से मान्यता रद्द करने की मांग
पिता ने मांग की है कि राजस्थान सरकार को भी स्कूल की मान्यता पूरी तरह रद्द करनी चाहिए और वहां पढ़ रहे बच्चों को अन्य सुरक्षित स्कूलों में स्थानांतरित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 1 से 8 तक की शिक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है, ऐसे में सरकार को तत्काल निर्णय लेना चाहिए।
शिक्षकों पर कार्रवाई की मांग
अमायरा के पिता ने स्कूल की शिक्षिकाओं पुनीता शर्मा, रचना और इंदु दुबे के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करने की मांग की है। उनका आरोप है कि यदि क्लास टीचर समय रहते हस्तक्षेप करतीं तो इस घटना को रोका जा सकता था। उन्होंने सवाल उठाया कि ग्राउंड फ्लोर से चौथी मंजिल तक पहुंचने के दौरान बच्ची को किसी ने क्यों नहीं रोका।
राज्य सरकार और शिक्षा विभाग पर उठे सवाल
पिता ने कहा कि सीबीएसई की कार्रवाई के बावजूद राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्कूल को जारी किए गए नोटिस का क्या जवाब आया, इसकी भी कोई जानकारी नहीं दी गई। नवंबर में गठित जांच समिति की रिपोर्ट को भी उन्होंने औपचारिकता बताया।
पूरा मामला क्या है?
जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में पढ़ने वाली 9 वर्षीय छात्रा अमायरा, जो कक्षा चौथी की छात्रा थी, ने स्कूल की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। जांच में सामने आया कि वह आपत्तिजनक शब्दों और मानसिक दबाव से परेशान थी। इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हुए और करीब दो माह बाद सीबीएसई ने स्कूल के खिलाफ यह कड़ा कदम उठाया।



