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उस्मान ख्वाजा ने पूर्व खिलाड़ियों पर फोड़ा बम, इस बात से परेशान होकर किया संन्यास का एलान, मच गया हडकंप

उस्मान ख्वाजा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की है। उन्होंने पूर्व खिलाड़ियों और मीडिया पर जमकर निशाना साधा। ख्वाजा ने कहा कि एशेज में पीठ की चोट के बाद उन्हें अलग तरह से आंका गया और निजी हमले किए गए।

ऑस्ट्रेलिया के पहले मुस्लिम क्रिकेटर उस्मान ख्वाजा ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का एलान कर दिया है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि सिडनी में तीन जनवरी से शुरू होने वाला एशेज सीरीज-2025 का आखिरी मैच उनका भी आखिरी मैच होगा। ख्वाजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्व खिलाड़ियों पर जमकर हमला बोला है और मीडिया को भी नहीं बख्शा है।।

ख्वाजा ने कहा कि एशेज सीरीज की शुरुआत में लगी पीठ में चोट के बाद उन्हें जिस तरह की बातें सुननी पड़ीं उससे वे बेहद हताश हो गए थे। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्हें बाकी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से अलग तौला गया। ख्वाजा ने 50 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें ये सभी बातें कहीं। वह अपनी पत्नी रेचल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए थे।

‘मुझे अलग महसूस हुआ’

ख्वाजा ने कहा कि उन्हें हमेशा से कुछ अलग महसूस हुआ जो अभी तक हो रहा है। ख्वाजा ने कहा, “मुझे हमेशा से अलग महूसस हुआ है और ये अभी तक जारी है। ऑस्ट्रेलियाई टीम मेरी नजर में… ये हमारी बेस्ट टीम है। ये हमारा गर्व है। लेकिन मुझे सम्मान के मामले में काफी अलग महसूस हुआ है। जिस तरह से मुझसे व्यवहार किया गया, जिस तरह से अलग चीजें हुईं। ”

उन्होंने कहा, “मुझे पीठ में समस्या हुई थी। ये ऐसी चीज थी जो मैं कंट्रोल नहीं कर सकता था। लेकिन जिस तरह से मीडिया और पूर्व खिलाड़ियों ने मुझ पर अटैक किया, मैं दो दिन तक सह कर सकता था, लेकिन मैंने पांच दिन तक सहन किया। और ये मेरे प्रदर्शन के बारे में भी नहीं था।”

किए गए निजी आक्रामण

ख्वाजा ने कहा कि उन पर निजी तौर पर अटैक किया गया। उन्होंने कहा, “ये काफी पर्सनल था। ये मेरी तैयारी के बारे में था। जिस तरह से हर कोई मेरी तैयारी को लेकर बयान दे रहा था वो काफी निजी थे कि वह कमिटेड नहीं है, उसे सिर्फ अपनी चिंता है, एक दिन पहले वो गोल्फ खेल रहा था, वह मतलबी है। वह ज्यादा मेहनत नहीं करता। वह आलसी है। ये कुछ रुढिवादी बातें थी, नस्लीय रूढिवाद जिसके साथ में अपने पूरे जीवन रहा हूं।”

उन्होंने कहा, “मुझे लगता था कि मीडिया और पूर्व खिलाड़ी इस बात से आगे निकल चुके हैं, लेकिन हम आगे नहीं निकले क्योंकि मैंने कभी नहीं देखा कि ऑस्ट्रेलियाई टीम में किसी से इस तरह से व्यवहार किया गया हो।”

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