
सब तक एक्सप्रेस | विशेष रिपोर्ट
लखनऊ/देवरिया। उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी पीएसी, जेलवार्डर एवं समकक्ष पदों की भर्तियों में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु-सीमा में छूट देने की मांग उठी है। देवरिया सदर से विधायक एवं पूर्व सूचना सलाहकार डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आयु-सीमा में कम से कम तीन वर्ष की छूट प्रदान करने का अनुरोध किया है।
अपने पत्र में विधायक डॉ. त्रिपाठी ने उल्लेख किया कि हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस में विभिन्न पदों पर भर्तियां आमंत्रित की गई हैं, जिनकी तैयारी में सामान्य वर्ग के लाखों युवा वर्षों से कठिन परिश्रम कर रहे थे। लेकिन भर्ती प्रक्रिया में देरी और अन्य कारणों से कई योग्य अभ्यर्थी केवल आयु-सीमा के कारण अवसर से वंचित रह गए हैं।
उन्होंने कहा कि ये युवा लंबे समय से शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक रूप से खुद को तैयार करते रहे, किंतु समय पर भर्ती न होने से उनकी आयु-सीमा पार हो गई। इसका दुष्प्रभाव न केवल युवाओं पर, बल्कि उनके परिवारों पर भी पड़ा है, विशेषकर वे परिवार जो आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं।
डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि संवेदनशीलता और न्यायप्रियता का परिचय देते हुए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु-सीमा में कम से कम तीन वर्ष की छूट दी जाए, ताकि योग्य और परिश्रमी युवाओं को न्याय मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
पत्र में उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय प्रदेश के लाखों युवाओं के जीवन में आशा, विश्वास और न्याय का संचार करेगा।



