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एशियन गेम्स में जाने को RVC में हर बाधा पार करेंगे घुड़सवार, आज सेंटर पहुंचेंगे घोड़े, मंगलवार को शुरू होगी इवेंटिंग प्रतियोगिता

मेरठ के आरवीसी सेंटर में 2026 एशियन गेम्स जापान के लिए घुड़सवारी इवेंटिंग ट्रायल शुरू हो गए हैं। 10 से 16 जनवरी तक चलने वाले इस पहले ट्रायल में 60 घुड़सवार हिस्सा ले रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय जूरी की निगरानी में आयोजित यह प्रतियोगिता भारतीय घुड़सवारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परखने और एशियन गेम्स के लिए संभावित खिलाड़ियों के चयन का महत्वपूर्ण अवसर है।

 2026 एशियन गेम्स का आयोजन 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक जापान में आयोजित की जाएगी। इसके लिए दुनिया भर में घुड़सवारी के लिए भी ट्रायल प्रतियोगिताएं शुरू हो गई हैं। इसी कड़ी में आरवीसी सेंटर एंड कालेज में इवेंटिंग का पहला ट्रायल आयोजित किया जा रहा है। 10 से 16 जनवरी तक आयोजित इस एशियन गेम्स ट्रायल प्रतियोगिता में शनिवार को प्रतिभागी घोड़े आरवीसी सेंटर पहुंचेंगे।

शनिवार को ही घोड़ों का वेटनरी परीक्षण भी होगा। इसके बाद मंगलवार 13 जनवरी को प्रतियोगिता शुरू होगी। इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन आफ इंडिया (ईएफआइ) की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में इवेंटिंग की सीसीआइ वद-स्टार (इंट्रो), टू-स्टार (लांग) और थ्रो-स्टार (शार्ट) स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।

यह प्रतियोगिता एशियन गेम्स जापान के लिए आयोजित होने वाला पहला इवेंटिंग ट्रायल है। यह भारतीय घुड़सवारी खेलों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। देश भर के घुड़सवारों को इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने का अवसर देने के लिए आठ जनवरी तक पंजीकरण हुए थे। इनमें कुल 60 घुड़ारों ने पंजीकरण कराया है। इनमें वन-स्टार में 29, टू-स्टार में 19 और थ्री-स्टार में 12 घुड़सवारों ने पंजीकरण कराया है। इसमें आरवीसी सेंटर के अलावा आरटीएस एंड डिपो सहारनपुर व हेमपुर, आर्मी सप्लाई कोर, 61 कैवेलरी व पीबीजी के सैन्य घुड़सवार और अन्य सिविलियन घुड़सवार हैं।

अंतरराष्ट्रीय ज्यूरी की निगरानी में होगी प्रतियोगिता

इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के संचालन के लिए अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी महासंघ (एफईआइ) की ओर से विदेशी ज्यूरी को मेरठ पहुंची है। विदेशी ज्यूरी में आयरलैंड के जेम्स बर्नार्ड रूनी ग्राउंड ज्यूरी प्रेसिडेंट, आस्ट्रेलिया से डायना मैरी मैसी ज्यूरी सदस्य, आस्ट्रेलिया से ही कोर्स डिजाइनर वेन मैल्कम कापिंग हैं। इसके अलावा प्रतियोगिता के सुचारू संचालन के लिए भारतीय ज्यूरी और तकनीकी अधिकारियों में ज्यूरी सदस्य कर्नल सुखदेव राठौड़, टेक्निकल डेलिगेट कर्नल पीपी सिंह (सेनि), कर्नल राजीव कुमार दहिया (सेनि), कर्नल सुधीर सिंह अहलावत (सेनि), स्टेवार्ड कर्नल दुष्यंत बाली (सेनि) रहेंगे।

एकल में 38 व टीम में 45 पेनाल्टी तक है क्वालीफाइंग

आयोजकों के अनुसार इस प्रतियोगिता के माध्यम से भारतीय घुड़सवारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा और तकनीकी मानकों पर परखने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह ट्रायल एशियन गेम्स, जापान के लिए संभावित खिलाड़ियों के चयन की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा। घुड़सवारी प्रेमियों और खेल जगत की निगाहें इस आयोजन पर टिकी हैं, जहां देश के उभरते और अनुभवी इवेंटर्स अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।

एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाइंग स्टैंडर्ड निर्धारित है। इवेंटिंग में ड्रेसाज, क्रास कंट्री और शो-जंपिंग तीनों स्पर्धा की पेनाल्टी मिलाकर क्वालीफाइंग निकाला जाएगा। एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई करने को घुड़सवारों को एकल स्पर्धा में 38 पेनाल्टी और टीम स्पर्धा में 45 पेनाल्टी व उससे नीचे रहना होगा।

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