‘मर चुकी है बीते जमाने की भाजपा’, शिंदे के गढ़ में उद्धव ठाकरे का हमला

ठाणे में एक चुनावी रैली में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री मोदी, अदाणी समूह और भाजपा पर तीखा हमला किया। उद्धव ने भाजपा की ‘लूट’ को अंग्रेजों से भी बदतर बताया और ‘पुरानी भाजपा’ के खत्म होने की बात कही। राज ठाकरे ने सरकार द्वारा एक व्यवसायी का पक्ष लेने को खतरनाक बताया, अदाणी के तेजी से विकास पर सवाल उठाए और एकाधिकार के खतरों के प्रति आगाह किया।
शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी पर हमला और तेज करते हुए कहा कि भाजपा की लूट अंग्रेजों द्वारा की गई लूट से कहीं अधिक है। वहीं राज ठाकरे ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार द्वारा एक व्यवसायी का पक्ष लेना बेहद खतरनाक है।
शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ने सोमवार रात उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गढ़ ठाणे में एक चुनावी रैली को संबोधित किया। रैली में बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि गुजरात के दो व्यक्तियों (मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह) की लूट अंग्रेजों द्वारा भारत में की गई लूट से कहीं अधिक है।
‘मर चुकी है बीते जमाने की भाजपा’
उन्होंने मौजूदा भाजपा नेतृत्व पर तीखा हमला करते हुए कहा कि मैं आपको बता सकता हूं कि बीते जमाने की भाजपा मर चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि आज की भाजपा ‘इस्तेमाल करो और फेंक दो’ में विश्वास करती है। उद्धव ने याद दिलाया कि कैसे दिवंगत बालासाहेब ठाकरे ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए मोदी की संकट के समय मदद की थी।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को ‘गद्दार’ बताते हुए उन्होंने महायुति के शासनकाल में कथित भ्रष्टाचार की जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि ये गद्दार आते-जाते रहेंगे। हम आपके लिए यहां आए हैं। हम सब आपके लिए एकजुट हुए हैं।
‘मैं उद्योगपतियों के खिलाफ नहीं हूं’
दूसरी ओर, राज ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी उद्योगपति के खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि शिवाजी पार्क में हमारी रैली के बाद (जिसमें मैंने अदाणी समूह के बारे में बात की थी) इन लोगों ने गौतम अदाणी के साथ मेरी एक तस्वीर निकाली है, जिसमें अदाणी मेरे घर आए हैं। कई उद्योगपति मेरे घर आ चुके हैं। इनमें रतन टाटा, मुकेश अंबानी, आनंद महिंद्रा और कई अन्य भी हैं।
राज ने कहा कि टाटा और बिड़ला आज जिस मुकाम पर हैं, वहां तक पहुंचने में उन्हें 50 से 100 साल लगे। जबकि उन्होंने (अदाणी) ने सिर्फ 11 साल में यह मुकाम हासिल कर लिया है। राज ठाकरे ने हाल के इंडिगो संकट का जिक्र करते हुए कहा कि इंडिगो से जुड़े मामले को देखिए। अगर एक ही कंपनी सारे क्षेत्रों पर नियंत्रण कर ले तो क्या होगा। यह बेहद खतरनाक हो सकता है।



