क्राइम

50वें मुकदमे में गिरफ्तारी, 68 की उम्र में भी चोरी से नहीं टूटा नाता

उम्र के साथ नहीं बदली आदत

जहां अधिकतर लोग 60 के बाद शांत जीवन की ओर बढ़ते हैं, वहीं बाबू उर्फ बरकत खां ने अपराध को ही अपना स्थायी पेशा बना लिया। 68 वर्ष की उम्र में भी वह चोरी की वारदातों को अंजाम देता रहा और आखिरकार 50वें केस में पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

मंदिर बना निशाना

जोधपुर जिले के शेरगढ़ थाना क्षेत्र में स्थित आशापुरा माताजी मंदिर में एक महीने के भीतर दो बार चोरी हुई। इससे ग्रामीणों में डर और नाराजगी दोनों देखने को मिली।

विशेष गश्त में गिरफ्तारी

थानाधिकारी बुधाराम की टीम ने रात्रि गश्त के दौरान आरोपी को संदिग्ध हालत में पकड़ा। पूछताछ में उसने चोरी की बात कबूल की और उसके पास से चोरी का सामान भी मिला।

चार दशक पुराना आपराधिक इतिहास

आरोपी का पहला मामला 1984 में दर्ज हुआ था। अब तक वह करीब 10 साल जेल में बिता चुका है। अजमेर जेल से फरार होने के बाद वह फिर सक्रिय हो गया था।

ग्रामीणों की मांग

लगातार चोरी से परेशान ग्रामीणों ने मंदिरों की सुरक्षा बढ़ाने और सीसीटीवी लगाने की मांग की है। पुलिस ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है।

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