विश्व बैंक ने बढ़ाया भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान, 7.2 प्रतिशत रहेगी वृद्धि दर

विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की जीडीपीग्रोथ का अनुमान बढ़ा कर 7.2 प्रतिशत कर दिया है। यह उसके जून के अनुमान से 0.9 प्रतिशत अधिक है। देश में मजबूत घरेलू मांग और लागू किए गए कर सुधारों के असर को ध्यान में रखते हुए ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाया गया है।
HighLights
- भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ा कर 7.2 प्रतिशत कर दिया है
- भारतीय निर्यात पर लगाया गया 50 प्रतिशत टैरिफ वित्त वर्ष 2026-27 तक लागू रहेगा
विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ा कर 7.2 प्रतिशत कर दिया है। यह उसके जून के अनुमान से 0.9 प्रतिशत अधिक है।
देश में मजबूत घरेलू मांग और लागू किए गए कर सुधारों के असर को ध्यान में रखते हुए ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाया गया है। हालांकि वैश्विक संस्था ने 2026-27 में भारत की ग्रोथ रेट सुस्त होने की बात कही है और समान अवधि के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट 6.5 रहने का अनुमान जताया है।
इस अनुमान में माना गया है कि अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर लगाया गया 50 प्रतिशत टैरिफ वित्त वर्ष 2026-27 तक लागू रहेगा।
विश्व बैंक की ‘ग्लोबल इकोनामिक प्रास्पेक्ट्स’ रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रोथ की रफ्तार कम होने के बावजूद भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा। जून में विश्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था।
हाल में केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी किए गए पहले अग्रिम अनुमानों में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान पेश किया था। इसके बाद से ही वैश्विक संस्थाएं और रेटिंग एजेंसियां भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को संशोधित कर रही हैं।



