यूपी में ईंट भट्ठा संचालकों को बड़ी राहत: नई नियमावली लागू, आबादी से 800 मीटर की दूरी पर लगा सकेंगे उद्योग

उत्तर प्रदेश सरकार ने 2012 से पहले स्थापित ईंट भट्ठों के लिए नई नियमावली को मंजूरी दी है। इससे अलीगढ़ में 275 संचालकों को राहत मिलेगी, जिन्हें पहले अवैध घोषित किया गया था। अब ईंट भट्ठे आबादी से 500 मीटर दूर स्थापित हो सकेंगे, और उनके चारों ओर 10 मीटर चौड़ी हरित पट्टिका या 3 मीटर ऊंची दीवार अनिवार्य होगी। पुराने पंजीकरण दस्तावेज आवश्यक होंगे।
HighLights
- 2012 से पहले के 275 भट्ठा संचालकों को राहत।
- आबादी से 500 मीटर दूरी पर भट्ठा लगाने की अनुमति।
- भट्ठों के चारों ओर हरित पट्टिका/दीवार अनिवार्य।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2012 से पहले स्थापित ईंट भट्ठों संचालकों को बड़ी राहत दी है। कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश ईंट भट्ठा यानि स्थापना के लिए मापदंड (प्रथम संशोधन) नियमावली 2026 में हुए संशोधन से 275 ईंट भट्ठा संचालकों को लाभ मिलेगा।
इन भट्ठों को मानकों के विरुद्ध बताकर प्रशासनिक अधिकारियों ने अवैध घोषित किया था। नई नियमावली के अंतर्गत इसके लिए चार प्रमुख दस्तावेजों का होना अनिवार्य है। इसके ही अब आबादी यानि स्कूल या अन्य भवन से 500 मीटर की दूरी पर ईंट-भट्ठा संचालन की अनुमति मिलेगी। पहले यह एक किलो मीटर दूर थी।
नई नियमावली से 275 ईंट भट्ठा संचालकों को मिलेगा लाभ
भट्ठा के चारों ओर 10 मीटर चौड़ी हरित पट्टिका लगाना होगा अनिवार्य किया गया है। जहां स्थान नहीं है, वहां तीन मीटर ऊंची दीवार बनाने के नियम का पालन करना होगा। भट्ठों में ईंट पकाई का समय एक मार्च से तीन जून तक पहले से तय है।
भट्ठा के चारों ओर 10 मीटर चौड़ी हरित पट्टिका लगाना होगा अनिवार्य
वहीं वर्ष 2012 में ईंट-भट्ठों को लेकर प्रदेश में पहली नियमावली बनी थी, इसके अस्तित्व में आने के बाद मंडल के हाथरस, एटा, कासगंज व अलीगढ़ जिले के 275 ईंट भट्ठे अवैध घोषित किए गए थे। यह ऐसे भट्ठे थे, जो नियमावली लागू होने से पहले से संचालित थे, अब इनमें से 275 ईंट भट्ठा संचालकों को राहत मिल गई है।
यह राहत उन्हीं ईंट भट्ठों को मिलेगी जिनके पास वर्ष 2012 से पहले जिला पंचायत या अन्य किसी सरकारी विभाग में पंजीकरण या एनओसी है। इन्हें अब संचालन करने में छूट मिल जाएगी।
उत्तर प्रदेश ईंट भट्ठा की नई नियमावली (स्थापना के लिए मापदंड) का हम स्वागत करते हैं। नियमों की अनदेखी बंद कराए गए ईंट भट्ठा के पुन: संचालन की प्रक्रिया को सरलता व सुगमता से की जाए। समिति अवैध ईंट भट्ठा संचालकों की कभी पैरोकारी नहीं करता है। – जनक पाल सिंह, अध्यक्ष, अलीगढ़ ईंट निर्माता समिति



