
सदन में इंदौर की भागीरथपुरा पेयजल त्रासदी पर जमकर हंगामा हो रहा है। कांग्रेस इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रही है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस मुद्दे पर सदन में शुक्रवार को चर्चा हो सकती है।
कांग्रेस विधायक फन्देलाल सिंह मार्को का ध्यानाकर्षण
जिला अनूपपुर के शासकीय स्तानक महाविद्यालय पुष्पराजगढ़ में तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य द्वारा छात्र-छात्राओं से शुल्क राशि को निजी उपयोग में लिए जाने पर कांग्रेस विधायक फन्देलाल सिंह मार्को ने ध्यान आकर्षण किया । विभाग ने अभी तक सम्बंधित प्रचार्य से राशि वसूल नहीं की है। इस पर मंत्री इंदर सिंह परमार ने जबाव दिया कि संबंधित शिकायत को सही पाया गया है। आरोपी प्राचार्य को तत्काल पद से हटाया गया है।शीघ्र ही प्राचार्या से राशि वसूल की जाएगी। वहीं मार्का ने कहा कि प्राचार्य डीपी शाह को निलंबित किया जाए। इस पर मंत्री परमार ने कहा कि प्राचार्य को निलंबित कर दिया गया है ।एक प्रचार्य के खिलाफ नोटिस भी जारी किया गया है।
दूसरे राज्य की हैरीटेज शराब एमपी में ड्यूटी फ्री
नई शराब नीति 2026- 27 पर आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने सदन में वक्तव्य दिया है। उन्होंने बताया कि आबकारी नीति स्वीकृत हो गई है। नर्मदा नदी के किनारे 5 km की दूरी तक शराब नहीं बेची जाएगी। 2026 में कोई नई दुकान नहीं खोली जाएगी। सभी दुकानों के लिए टेंडर होंगे। वहीं अहाते बंद रहेंगे। दूसरे राज्य की हैरीटेज शराब एमपी में ड्यूटी फ्री की जाएगी। साथ ही ई-चालान मान्य रहेंगे।
भाजपा विधायक ने अपनी ही सरकार को घेरा
सदन में भाजपा विधायक अजय विश्नोई ने जबलपुर में नर्मदा होने के बावजूद भी जल संकट पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लगाया। इस पर नगरीय विकास आवास विभाग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि योजनाएं जारी हैं। पानी की सप्लाई की जा रही है। इस पर भाजपा विधायक अजय विश्नोई ने कहा कि मंत्री जी की जानकारी कम है। पुरानी योजना और प्लानिंग पर काम नहीं हुआ है। विकास बाधित हुआ है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि डबल सिस्टम से पानी दिया जा रहा है। 28% पानी ज्यादा दिया जा रहा है।
विधानसभा की कार्यवाही फिर से शुरू
सदन में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगर ने कहा कि भागीरथपुरा की घटना को लेकर स्थगन पर चर्चा का आश्वासन दिया गया था। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि चर्चा का अवसर दूंगा। थोड़ा धैर्य रखना चाहिए। सदन का बहुत समय बर्बाद हुआ है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस पर कल चर्चा के लिए समय दिया जा सकता है।
सदन की कार्यवाही तीन बजे तक के लिए स्थगित
दो बजे विधानसभा की कार्यवाही फिर शुरु हुई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा कि स्थगन पर चर्चा होनी चाहिए। इसके साथ ही विधानसभा में फिर से हंगामा शुरु हो गया। विपक्ष इंदौर के भागीरथपुरा के मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा है। इसको लेकर सदन में नारेबाजी भी हुई। कांग्रेस के विधायकों ने भागीरथपुरा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और राजेंद्र शुक्ल की स्थिति जानने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा कि सदन में कुत्तों पर चर्चा हो जाती है लेकिन मर गए लोगों पर चर्चा नहीं हो रही है। इंदौर की जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा हो रहा है। जनता दूषित पानी पीकर मर रही है। इसके बाद सदन की कार्यवाही तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सदन शुरू होते ही फिर हंगामा, दो बजे तक कार्रवाई स्थगित
सदन की कार्रवाई दोबारा शुरू होने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा कि इंदौर में हुई घटना मृत्यु नहीं हत्या है। इस मामले में मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रश्नकाल की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने सदन की कार्रवाई काे जारी रखने के लिए सदस्यों से अनुरोध किया। इसके बाद भी हंगामा जारी रहा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मंत्रियों को इस्तीफा देना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष ने शून्यकाल की सूचना देने वाले विधायकों का नाम पढ़ने के बाद कहा कि यह सूचनाओं पढ़ी हुई मानी जाएंगी और बढ़ते हंगामे के बीच सदन की कार्रवाई दोपहर बाद 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
भागीरथपुरा हादसे में मौत के आंकड़े और मुआवजे पर तीखी बहस
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक उमंग सिंगार ने भागीरथपुरा मामले पर स्वास्थ्य मंत्री से सवाल पूछा। प्रश्न पूछने से पहले विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जो विषय न्यायालय और आयोग में लंबित हैं, उन पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती। उमंग सिंगार के प्रश्न पर स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जवाब देते हुए बताया कि अब तक 22 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है।
इस पर नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि 35 से अधिक मौतें हुई हैं और मुआवजा राशि भी कम है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि यह अत्यंत गंभीर विषय है और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि एक आईएएस अधिकारी को भी निलंबित किया गया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मृतकों के परिजनों को 4 लाख के बजाय 5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
उमंग सिंगार ने सवाल उठाया कि क्या संबंधित मंत्री और महापौर को मामले की जानकारी नहीं थी। उन्होंने नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की। इस पर मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि यदि नैतिकता की बात हो रही है तो यूनियन कार्बाइड जैसे मामलों में नैतिकता कहां थी। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने भी इसी मुद्दे पर विपक्ष को घेरा।
सदन में इस मुद्दे पर तीखी नोकझोंक और नारेबाजी हुई। अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने मर्यादा में रहकर जवाब दिया है। हंगामे के बीच अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
जर्जर स्कूल भवनों को लेकर उठा सवाल
भाजपा विधायक दिनेश राय मुनमुन ने सदन में जर्जर स्कूल भवनों का मुद्दा उठाया। उन्होंने स्कूलों की टूटी छतों के फोटो दिखाते हुए बाउंड्रीवाल और मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर चिंता जताई। जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि सिवनी विधानसभा क्षेत्र में 44 प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय भवन जीर्ण-शीर्ण स्थिति में हैं, जबकि 5 नए विद्यालय भवन स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में करीब 1800 स्कूल भवनों को जर्जर चिह्नित किया गया है। अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिए विभाग ने 1200 करोड़ रुपये की राशि जारी की है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बजट को बताया अज्ञानी
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधानसभा परिसर में मीडिया के साथ बातचीत में बजट को लेकर कहा कि मध्य प्रदेश सरकार का बजट ज्ञानी (GYANII) नहीं अज्ञानी है। प्रदेश सरकार पर पांच लाख करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है। चालू वित्त वर्ष में ही करीब 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक कर्ज लिया गया, जिसका ब्याज चुकाने में ही सरकार को हर साल 27 हजार करोड़ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने माना इंदौर में दूषित पानी से हुई 20 मौतें
विधानसभा में डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने लिखित जवाब में स्वीकार किया कि इंदौर में 21 दिसंबर 2025 से उत्तर दिए जाने तक दूषित पानी के कारण कुल 20 मौतों की आधिकारिक पुष्टि हुई है। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस अवधि में 459 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से 4 मरीज अभी भी उपचाराधीन हैं।
मृत्यु के संभावित कारणों की पुष्टि के लिए NIRBI-कोलकाता, एमजीएम माइक्रोबायोलॉजी लैब और डीपीएचएल-इंदौर में जल एवं मरीजों के स्टूल सैंपलों की जांच कराई गई। प्रयोगशाला रिपोर्ट में कॉलेरा और ई.कोलाई संक्रमण की पुष्टि हुई है।



