नारी शक्ति को मिला संवैधानिक बल: ऐतिहासिक फैसले पर दिलीप पाण्डेय ने जताया आभार
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को बताया युगांतकारी कदम, महिलाओं से राजनीति में आगे आने की अपील

उमरिया | ब्यूरो रिपोर्ट/राहुल शीतलानी
उमरिया जिले में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष श्री दिलीप पाण्डेय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और युगांतकारी कदम बताते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi और उनकी सरकार का आभार व्यक्त किया है।
श्री पाण्डेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने इस अधिनियम के माध्यम से देश की आधी आबादी को संवैधानिक अधिकार और मजबूती प्रदान की है। उन्होंने इसे केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, समानता और सशक्त भागीदारी का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा, “नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की सीटों पर भी यह व्यवस्था लागू होगी, जिससे समाज के सभी वर्गों की महिलाओं को समान अवसर मिलेगा।”
दिलीप पाण्डेय ने यह भी कहा कि वर्षों से लंबित महिला आरक्षण की मांग को मोदी सरकार ने पूरा कर एक नई राजनीतिक क्रांति की शुरुआत की है। इस कदम से राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और नीतियां अधिक संवेदनशील व समावेशी बनेंगी।
उन्होंने जिले की महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि वे इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं और सक्रिय रूप से राजनीति में भागीदारी करें। “आज की बेटियां कल की नेता बनेंगी। इस अधिनियम से गांव-गांव और जिले-जिले तक विकास की नई दिशा तय होगी,” उन्होंने कहा।
प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब इसमें ‘नारी शक्ति के साथ’ भी जुड़ गया है। यह कदम इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह आरक्षण लागू होगा और लगभग 15 वर्षों तक प्रभावी रहेगा। इससे लोकसभा और विभिन्न विधानसभाओं में बड़ी संख्या में सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
दिलीप पाण्डेय ने पार्टी कार्यकर्ताओं, विशेष रूप से महिला कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस कानून को जन-जन तक पहुंचाएं और महिलाओं को राजनीति में आगे आने के लिए प्रेरित करें।
देशभर में इस अधिनियम को लेकर उत्साह का माहौल है और भाजपा कार्यकर्ता इसे महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम मान रहे हैं।



