अंतरराष्ट्रीय

बांग्लादेश में नई संसद पर सवाल, 43 नव-निर्वाचित सांसदों पर हत्या के मुकदमे

बांग्लादेश में हाल ही में संपन्न संसदीय चुनाव के बाद नई सरकार की साख पर सवाल उठ रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, 43 नव-निर्वाचित सांसदों पर हत्या के मामले दर्ज हैं, जबकि कुल 142 सांसद विभिन्न कानूनी मामलों में घिरे हैं। ‘शुजान’ की इस रिपोर्ट ने राजनीतिक शुचिता और जवाबदेही पर बहस छेड़ दी है, जिसमें उच्च शिक्षित सांसदों की कमी और करोड़पति सांसदों की बढ़ती संख्या भी उजागर हुई है।

 बांग्लादेश में हाल में संपन्न 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव के बाद नई सरकार के गठन से पहले ही उसकी साख पर सवाल उठने लगे हैं। एक प्रमुख नागरिक संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, नव-निर्वाचित 43 सांसदों पर हत्या (धारा 302) के मामले दर्ज हैं, जिससे राजनीतिक शुचिता और जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो गई है।

‘सुशासनर जनो नागरिक’ (शुजान) द्वारा जारी आंकड़ों का हवाला देते हुए स्थानीय मीडिया ‘डेली स्टार’ ने शुक्रवार को बताया कि 42 सांसद पहले से ऐसे मामलों का सामना कर रहे थे, जबकि 12 के खिलाफ पुराने और मौजूदा दोनों तरह के आपराधिक मामले दर्ज हैं।

कितने सांसद कानूनी मामले में घिरे हैं?

कुल मिलाकर 142 सांसद वर्तमान में विभिन्न कानूनी मामलों में घिरे हैं और 185 सांसदों का अतीत में मुकदमों से संबंध रहा है। करीब 95 सांसद ऐसे हैं जिन पर पहले भी और अब भी मामले चल रहे हैं।सबसे ज्यादा मौजूदा मामलों का प्रतिशत बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के सांसदों में पाया गया है।

हालिया चुनाव में भारी जीत दर्ज करने वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के सांसदों में 50 प्रतिशत से अधिक पर वर्तमान में मामले लंबित हैं। दूसरे स्थान पर जमात-ए-इस्लामी है, जिसके लगभग 47 प्रतिशत सांसद कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं।शुजान के मुख्य समन्वयक दिलीप कुमार सरकार ने एक कार्यक्रम में नव-निर्वाचित सांसदों के शपथपत्रों के विश्लेषण का ब्योरा पेश किया।

रिपोर्ट के अनुसार, 12वें चुनाव की तुलना में इस बार विजेताओं में कानूनी मामलों में संलिप्तता बढ़ी है। साथ ही उच्च शिक्षित सांसदों का अनुपात भी कम हुआ है। 297 निर्वाचित सांसदों में केवल आठ के पास पीएचडी डिग्री है, 138 स्नातकोत्तर, 93 स्नातक, 20 उच्च माध्यमिक और 17 माध्यमिक स्तर तक शिक्षित हैं।

किन पेशों के हैं सांसद?

हालांकि चुनाव और जनमत-संग्रह को अधिकांशत: शांतिपूर्ण बताया गया है, लेकिन प्रतिनिधित्व के आंकड़े भी चर्चा में हैं। 297 निर्वाचन क्षेत्रों में 79 उम्मीदवार धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यक समुदायों से थे, जिनमें से केवल चार जीत सके। पेशे के लिहाज से व्यवसाय अब भी सबसे प्रमुख क्षेत्र है—182 सांसद (करीब 61 प्रतिशत) कारोबारी पृष्ठभूमि से आते हैं।

इसके अलावा 36 वकील, 22 शिक्षक, 13 कृषक, आठ पेशेवर राजनेता, पांच सेवा क्षेत्र से और 27 अन्य पेशों से जुड़े हैं। संपत्ति के आंकड़े भी नई संसद की सामाजिक संरचना को उजागर करते हैं। 271 सांसदों की घोषित संपत्ति एक करोड़ टका से अधिक है, जबकि 187 के पास पांच करोड़ टका से ज्यादा संपत्ति है। बीएनपी के 209 सांसदों में से 201 करोड़पति हैं, जबकि जमात के 68 में से 52 इस श्रेणी में आते हैं।

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