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### दिल्ली में वायु प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर एक बार फिर चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया है। जैसे ही अक्टूबर का महीना शुरू हुआ, राजधानी के निवासियों को धुंध और प्रदूषित हवा का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी सलाह देने की आवश्यकता जताई है।

हाल ही में किए गए एक अध्ययन में पाया गया है कि दिल्ली के कई क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के पार चला गया है, जो कि ‘खतरनाक’ श्रेणी में आता है। यह स्थिति विशेष रूप से उन लोगों के लिए जोखिम भरी है जो पहले से ही श्वसन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। प्रदूषण के कारण, अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में भी वृद्धि देखी गई है।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने इस मामले में सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न उपायों पर विचार कर रही है, जिसमें उद्योगों के लिए कठोर नियम और वाहनों की जांच शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें और अपने वाहनों का उपयोग कम करें।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष के प्रदूषण के स्तर में वृद्धि का एक मुख्य कारण दीपावली के आसपास होने वाली आतिशबाजी भी है। इसके अलावा, पड़ोसी राज्यों में खेतों में पराली जलाने की प्रथा भी इस समस्या को बदतर बना रही है। इन सभी कारणों के चलते, दिल्लीवासियों को श्वसन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग घर के अंदर रहने की कोशिश करें और अगर बाहर जाना आवश्यक हो तो मास्क पहनें। साथ ही, नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच कराने की भी सलाह दी गई है। सरकार के साथ-साथ नागरिकों को भी इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने की आवश्यकता है, ताकि प्रदूषण के इस संकट को मिलकर हल किया जा सके।

दिल्ली की इस प्रदूषण संबंधी समस्या ने न केवल स्वास्थ्य पर असर डाला है, बल्कि यह शहर की जीवनशैली और आर्थिक गतिविधियों को भी प्रभावित कर रहा है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

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