HSBC का वार्षिक प्री-टैक्स लाभ 7% से अधिक गिर गया है, जबकि बैंक की आय में वृद्धि हुई है और इसके परिणाम अनुमानों से बेहतर रहे हैं।

### दिल्ली में बढ़ता वायु प्रदूषण: स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभाव
दिल्ली, 15 अक्टूबर 2023: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है, जिससे यहां के निवासियों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरे मंडरा रहे हैं। हाल के अध्ययनों के अनुसार, शहर का वायु प्रदूषण स्तर न केवल सामान्य जीवन को प्रभावित कर रहा है, बल्कि इसके दीर्घकालिक प्रभाव भी चिंता का विषय बन रहे हैं।
दिल्ली में प्रदूषण के मुख्य स्रोतों में वाहन उत्सर्जन, औद्योगिक गतिविधियां और निर्माण कार्य शामिल हैं। इन स्रोतों के कारण शहर में धूल, कार्बन मोनोऑक्साइड और अन्य हानिकारक तत्वों का स्तर बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस समस्या को तुरंत संबोधित नहीं किया गया, तो इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं।
हाल ही में, पर्यावरण मंत्रालय ने वायु गुणवत्ता के मामले में एक नई रिपोर्ट जारी की है, जिसमें बताया गया है कि दिल्ली में पीएम 2.5 का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। यह सूक्ष्म कणों का स्तर स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक होता है, क्योंकि ये फेफड़ों में गहराई तक प्रवेश कर सकते हैं। इस संदर्भ में स्थानीय डॉक्टरों ने भी चेतावनी दी है कि वायु प्रदूषण से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों का जोखिम बढ़ रहा है।
शहर के निवासियों ने भी अपनी चिंता व्यक्त की है। कई लोग रोजाना सुबह और शाम के समय बाहर निकलने में डरते हैं। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों को खासतौर पर सावधान रहने की आवश्यकता है, क्योंकि उनका स्वास्थ्य अधिक प्रभावित हो सकता है।
दिल्ली सरकार ने वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए कुछ कदम उठाए हैं, जैसे कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए विशेष अभियान और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना। हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन उपायों को प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।
सभी की नजरें अब इस बात पर हैं कि क्या सरकार अपनी योजनाओं को ठोस कार्रवाई में बदल सकेगी या फिर दिल्ली का वायु प्रदूषण और अधिक बढ़ता रहेगा। अगर यह समस्या इसी तरह बढ़ती रही, तो आने वाले समय में दिल्लीवासियों के लिए स्वास्थ्य संकट और भी गहरा हो सकता है।
दिल्ली की वायु गुणवत्ता को लेकर जागरूकता फैलाना और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से इस चुनौती का सामना करना ही अब समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।



