जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुसकर तबाह किए थे आतंकियों के ठिकाने, कैसे हुई थी बालाकोट एयर स्ट्राइक की प्लानिंग?

आज बालाकोट एयर स्ट्राइक की 7वीं वर्षगांठ है, जो 14 फरवरी 2019 के पुलवामा हमले का भारतीय सेना का जवाब था। 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना के मिराज-2000 विमानों ने पाकिस्तान में घुसकर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को तबाह किया था।
HighLights
- पुलवामा हमले का बदला लेने के लिए हुई थी बालाकोट एयर स्ट्राइक
- भारतीय वायुसेना ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंप ध्वस्त किए
14 फरवरी 2019 को जम्मू और कश्मीर के पुलवामा में CRPF के 78 वाहनों के काफिले पर पाकिस्तानी आतंकवादियों ने घातक हमला किया। इस हमले में 40 जवान बलिदान हो गए। पुलवामा हमले का बदला लेने के लिए ठीक 12 दिन बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुसकर बम बरसाए थे और कई आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था।
इस कार्रवाई को बालाकोट एयर स्ट्राइक के नाम से जाना जाता है। आज बालाकोट एयर स्ट्राइक की 7वीं वर्षगांठ है। बालाकोट एयर स्ट्राइक की वर्षगांठ पर देश अपने उन वीरों को नमन करता है, जिन्होंने आसमान से आतंक की कमर तोड़ दी थी।

जैश-ए-मोहम्मद के ट्रेनिंग सेंटर को किया तबाह
पुलवामा हमले का बदला लेने के लिए भारतीय वायुसेना के जांबाज योद्धाओं ने अपने अदम्य साहस और शौर्य से दुश्मनों के मंसूबों को ध्वस्त कर राष्ट्र की रक्षा का परचम लहराया। 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना के मिराज-2000 विमानों ने रात के अंधेरे में नियंत्रण रेखा यानी LoC पार कर पाकिस्तान के पूर्वोत्तर इलाके खैबर पख्तूनख्वाह के बालाकोट में घुस गए और जैश-ए-मोहम्मद के ट्रेनिंग कैम्पों को तबाह कर दिया।
25-26 फरवरी की देर रात हुए इस सर्जिकल स्ट्राइक में भारतीय वीर जवानों ने बालाकोट में मौजूद आतंकियों के कैंप ध्वस्त कर दिए गए और हमले में करीब 300 आतंकी ढेर कर दिए। साथ ही भारतीय वायुसेना ने अपने विमानों से पाकिस्तानी आतंकियों के कैंपों पर बम गिराए थे और उनके नेस्तनाबूद कर दिया था।
भारतीय वायुसेना ने कैसे किया था हमला?
बालाकोट एयर स्ट्राइक को अंजाम देने के लिए भारतीय 1971 की जंग के बाद पहली बार पाकिस्तान में घुसकर बम बरसाए थे। इस कार्रवाई की योजना बेहद गोपनीय तरीके से की गई थी और इसकी योजना बनाने में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल और तत्कालीन वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ सीधे शामिल थे।

इस हमले के लिए भारतीय वायुसेना ने 12 मिराज-2000 विमान तैनात किए और सीमा से लगे सभी एयरबेस को पूरी तरह तैनात किए थे।
भारतीय वायु सेना द्वारा किए गए इस कार्रवाई को बालाकोट एयर स्ट्राइक का नाम दिया गया। इस हमले के दौरान भारत का मिग-21 विमान क्षतिग्रस्त हो गया था और यह पाकिस्तान में गिरा। इस दौरान पायलट विंग कमांडर अभिनंदन को पाकिस्तानी सेना ने पकड़ लिया था। हालांकि, दबाव के बाद 1 मार्च 2019 को पाकिस्तानी सेना ने विंग कमांडर अभिनंदन को छोड़ दिया।



