‘भाजपा दुश्मन नहीं है, लेकिन…’, अविमुक्तेश्वरानंद अब किस राजनीतिक दल का करेंगे समर्थन?

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने हरदोई में गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के अभियान के लिए जनसमर्थन मांगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा उनकी दुश्मन नहीं, पर अन्य राजनीतिक दल भी मित्र नहीं हैं।
HighLights
- गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने हेतु जनसमर्थन मांगा।
- भाजपा दुश्मन नहीं, अन्य दल भी मित्र नहीं।
माधौगंज कस्बे में आयोजित सभा में पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के अपने अभियान को लेकर जनसमर्थन मांगा। उन्होंने कहा कि भाजपा उनकी दुश्मन नहीं है, लेकिन अन्य राजनीतिक दल भी उनके मित्र नहीं हैं। जो भी गोमाता की रक्षा और उन्हें राष्ट्रमाता घोषित करने की बात करेगा, वे उसी का समर्थन करेंगे।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया और पूजन-अर्चन किया। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनका अभियान गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के लिए चल रहा है और इसके लिए वे सीधे मतदाताओं के बीच जाकर जनसमर्थन जुटा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक किसी भी सरकार ने गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने का कदम नहीं उठाया है। इसलिए अब जनता को ही संकल्प लेना होगा।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अब तक चुनाव जाति, बिरादरी, सड़क, बिजली और पानी के नाम पर होते रहे हैं, लेकिन आने वाले चुनाव में संकल्प लें कि यह चुनाव गौमाता के नाम पर होगा और जो गोमाता की रक्षा के लिए खड़ा होगा, उसी का समर्थन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में गौवंश की स्थिति चिंताजनक है और सरकार को यह जवाब देना चाहिए कि गायें आखिर कहां जा रही हैं
उन्होंने गौशालाओं की स्थिति पर भी चिंता जताते हुए कहा कि कई स्थानों पर गायें भूखी-प्यासी तड़प रही हैं। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा उनकी दुश्मन नहीं है, लेकिन अन्य राजनीतिक दल भी उनके मित्र नहीं हैं। उनका समर्थन उसी को मिलेगा जो गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की बात करेगा और उनकी रक्षा के लिए ठोस कदम उठाएगा।
योगी आदित्यनाथ की माता को लेकर बिहार के एक मौलाना की टिप्पणी पर उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी धर्म या समुदाय को किसी की मां के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ की मां भी हमारी और आप सबकी मां के समान हैं।
अमेरिका को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ दुर्व्यवहार नहीं कर रहा है, बल्कि भारत की अपनी कुछ कमियां हैं, जिसके कारण देश को उसके सामने झुकना पड़ रहा है। अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर दिए गए अपने बयान पर उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा शास्त्रों की मर्यादा के अनुसार ही अपनी बात रखी है। चाहे कांग्रेस, बसपा या सपा की सरकार रही हो, उन्होंने हर समय धर्मशास्त्र के अनुसार ही अपनी बात कही है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य किसी नेता के अनुयायी नहीं हो सकते और उनके इतने बुरे दिन नहीं आए हैं कि वे किसी नेता के चेले बन जाएं।



