लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सफर करने को हो जाइए तैयार, 20 दिन में दौड़ने लगेंगी गाड़ियां

एनएचएआई ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ड्रीम प्रोजेक्ट लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को 20 दिनों में तैयार करने का दावा किया है।
HighLights
- लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे 20 दिनों में तैयार होने का दावा।
- 31 मार्च तक आम जनता के लिए खुलने की उम्मीद।
- टोल वसूली तुरंत शुरू होगी, सुविधाएं देर से मिलेंगी।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस को बीस दिन में तैयार करने का दावा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने किया है।
हालांकि इससे पहले भी कई बार उद्घघाटन करने के दावे किए जा चुके हैं। इसी 31 मार्च तक इसे आम लोगों के लिए चलने लायक बनाने की बात कही जा रही है। इसके बाद किसी भी दिन प्रधानमंत्री, रक्षामंत्री, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री व मुख्यमंत्री इसका उद्घाटन करेंगे।
जुलाई 2025 में ही बन जाना था
63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस वे को नियमानुसार तो जुलाई 2025 में बन जाना था लेकिन कभी रैंप बनाने में जमीन मिलने की समस्या तो कभी स्थानीय स्तर पर लोगों के विरोध के कारण प्रोजेक्ट अक्टूबर 2025 तक बढ़ गया और फिर जमीन व अन्य मसलों के कारण यह प्रोजेक्ट खिंचकर 31 मार्च 2026 तक पहुंच गया।
अब देखना है कि एनएचएआइ द्वारा पीएमओ को भेजे गए पत्र के हिसाब से प्राेजेक्ट मार्च माह में तैयार हो पाता है या फिर अप्रैल माह तक जाता है।
एलीवेटेड रोड का काम अंतिम चरण में किया जा रहा
वर्तमान में सरोजनी नगर में एलीवेटेड रोड के काम को अंतिम चरण में किया जा रहा है। यहां गर्डर रखने के साथ ही एलीवेटेड रोड के किनारे बनने वाली बैरिकेडिंग का काम हो रहा है। इसके अलावा कार्यदायी संस्था फिनिशिंग का काम कर रही है।
यही नहीं चढ़ने व उतरने के लिए प्राधिकरण द्वारा जहां भी रैंप दिए गए हैं, उन्हें भी फाइनल टच दिया जा रहा है। सरोजनी नगर से बनी तक छोटे मोटे काम अभी बाकी है।
प्राधिकरण के अधिकारी लगातार कार्यदायी संस्था पर समय से पहले काम खत्म करने का दबाव बनाए हुए हैं, लेकिन कार्यदायी संस्था को जिस गति से काम करना चाहिए, वहीं नहीं हो रहा है। ग्रीन फील्ड से जुड़ा काम पहले ही हो चुका है। यहां लगाए गए स्पीडो मीटर, कैमरे जैसी अन्य सुविधाओं का ट्रायल भी शुरू कर दिया गया है।
टोल निर्धारण नहीं, एक्सप्रेस वे शुरू होते ही पड़ने लगेगा
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर वाहनों का संचालन शुरू होते ही टोल भी वसूलने का काम एनएचएआइ शुरू कर देगा। इसके लिए पांच स्थानों पर टोल लेने की व्यवस्था बनाई गई है।
इनमें मीरनपुर पिनवट, खंडदेव, बनी, अमरसास गांव व आजाद नगर हैं। यहां चढ़ने व उतरने पर लोगों को टोल देना होगा। हालांकि टोल कितना रहेगा, उसका अभी प्राधिकरण ने खुलासा नहीं किया है। वार्षिक पास वालों को मात्र पंद्रह रुपये ही टोल पर देना होगा।
रेस्टोरेंट व ट्रामा सेंटर शुरू होने में लगेगा समय
एक्सप्रेस वे पर शुरू होने वाली पब्लिक सुविधाएं शुरू होने में अभी समय लगेगा। यहां प्राधिकरण ने मूलभूत सुविधाओं में रेस्टोरेंट, ट्रामा सेंटर जैसी सुविधाएं भी दी हैं, लेकिन अभी जमीन पड़ी है और उस पर जिस गति से काम होना चाहिए, वह शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में यूपी का पहला एक्सप्रेस वे, जहां ट्रामा सेंटर शुरू किया जा रहा है, वहां यह सुविधा मिलने में अभी समय लग सकता है।



