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Share Market Live: भारी गिरावट के बीच सेंसेक्स 900 अंक टूटा, पावर शेयरों में तेजी

शेयर बाजार में भारी गिरावट

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना रहा। बाजार की शुरुआत ही लाल निशान के साथ हुई और दिन भर बिकवाली का दबाव बना रहा।

कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 900 अंक से अधिक गिर गया, जबकि निफ्टी 23,300 के आसपास कारोबार करता रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण बाजार में दबाव बना हुआ है।

शेयर बाजार में आई इस गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि कुछ सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली, लेकिन ज्यादातर सेक्टरों में गिरावट का माहौल रहा।


बैंकिंग शेयरों में दबाव

आज के कारोबार में बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में नजर आया। बैंक निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की गई और यह 54,000 के आसपास पहुंच गया। बड़े बैंकिंग शेयरों में निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की।

प्रमुख निजी बैंकों के शेयरों में गिरावट देखी गई, जिससे बैंकिंग इंडेक्स पर दबाव बढ़ गया। बैंकिंग सेक्टर का बाजार में बड़ा वेटेज होता है, इसलिए इसमें गिरावट का असर पूरे बाजार पर देखने को मिला।

विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण बैंकिंग शेयरों में कमजोरी आई है।


पावर शेयरों में तेजी

जहां एक ओर बाजार में गिरावट का माहौल था, वहीं पावर सेक्टर के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। एनटीपीसी ग्रीन और अदाणी पावर के शेयरों में तेज उछाल दर्ज की गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि देश के कई हिस्सों में बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग बढ़ने की संभावना है। इसी उम्मीद में निवेशकों ने पावर कंपनियों के शेयरों में खरीदारी की।

बाजार में गिरावट के बावजूद पावर सेक्टर के शेयरों का मजबूत प्रदर्शन निवेशकों के लिए राहत की खबर रहा।


52 सप्ताह के निचले स्तर पर कई सेक्टर

शुक्रवार के कारोबार में कई सेक्टरों के सूचकांक 52 सप्ताह के निचले स्तर तक पहुंच गए। इनमें मुख्य रूप से एफएमसीजी, आईटी और रियल एस्टेट सेक्टर शामिल हैं।

इन सेक्टरों में लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है। वैश्विक मांग में कमी और निवेशकों की सतर्कता के कारण इन सेक्टरों के शेयरों में कमजोरी देखी जा रही है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक आर्थिक स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक इन सेक्टरों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।


स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट

सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं बल्कि स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स के कई शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

कुछ कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली देखी गई, जिससे स्मॉलकैप इंडेक्स पर दबाव बना रहा। छोटे निवेशकों का रुझान अक्सर स्मॉलकैप शेयरों की ओर होता है, इसलिए इनमें गिरावट से खुदरा निवेशकों पर भी असर पड़ा है।


निष्कर्ष

कुल मिलाकर शुक्रवार का दिन शेयर बाजार के लिए कमजोर साबित हुआ। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट दर्ज की गई और कई सेक्टरों के सूचकांक निचले स्तर पर पहुंच गए।

हालांकि पावर सेक्टर के शेयरों में तेजी देखने को मिली, लेकिन बाजार का समग्र रुख कमजोर बना रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण आने वाले दिनों में भी बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

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