ऑस्कर 2026: धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि न मिलने पर उठे सवाल, हेमा मालिनी बोलीं– ‘यह शर्मनाक है’
⭐ ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट बना विवाद की वजह
98वें Academy Awards यानी ऑस्कर 2026 का आयोजन हर साल की तरह इस बार भी भव्य अंदाज में हुआ। दुनियाभर के कलाकारों और फिल्मों को सम्मानित करने वाले इस प्रतिष्ठित मंच पर ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट खास महत्व रखता है।
यह वह हिस्सा होता है, जिसमें पिछले एक साल के दौरान दिवंगत हुए फिल्म जगत के महान कलाकारों को श्रद्धांजलि दी जाती है। लेकिन इस बार यह सेगमेंट विवादों में आ गया, क्योंकि इसमें हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता Dharmendra का नाम शामिल नहीं किया गया।
🎬 भारतीय सिनेमा के ‘ही-मैन’ की अनदेखी
धर्मेंद्र को भारतीय फिल्म इंडस्ट्री का ‘ही-मैन’ कहा जाता था। उन्होंने अपने लंबे करियर में सैकड़ों फिल्मों में काम किया और हर किरदार को यादगार बनाया।
उनकी सबसे चर्चित फिल्मों में Sholay का नाम सबसे ऊपर आता है, जिसने न सिर्फ भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोकप्रियता हासिल की।
धर्मेंद्र का योगदान सिर्फ एक अभिनेता तक सीमित नहीं था, बल्कि वे भारतीय सिनेमा की पहचान बन चुके थे। ऐसे में उन्हें ऑस्कर के ‘इन मेमोरियम’ में जगह न मिलना कई लोगों को चौंकाने वाला लगा।
💬 हेमा मालिनी का फूटा गुस्सा
इस पूरे मामले पर उनकी पत्नी और अभिनेत्री Hema Malini ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि यह “शर्मनाक” है कि इतने बड़े कलाकार को इस तरह नजरअंदाज किया गया। उनके अनुसार, धर्मेंद्र ने अपने काम से दुनिया भर में लोगों का दिल जीता था और उन्हें इस तरह भुला देना बेहद दुखद है।
हेमा मालिनी ने यह भी कहा कि उनके पति को भले ही अवॉर्ड्स कम मिले हों, लेकिन लोगों का प्यार हमेशा उनके साथ रहा है।
🎭 अवॉर्ड्स और पहचान पर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि क्या अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड शो में भारतीय कलाकारों को उचित पहचान मिलती है।
धर्मेंद्र जैसे बड़े स्टार, जिनका करियर कई दशकों तक फैला रहा, उन्हें इस तरह नजरअंदाज करना कई लोगों को असहज कर रहा है।
हेमा मालिनी ने भी अपने बयान में इस बात की ओर इशारा किया कि कई बार बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद कलाकारों को वह सम्मान नहीं मिल पाता, जिसके वे हकदार होते हैं।
👨👧 एशा देओल का संतुलित नजरिया
इस विवाद के बीच धर्मेंद्र की बेटी Esha Deol का बयान थोड़ा अलग रहा।
उन्होंने कहा कि उनके पिता ऐसे सम्मान और अवॉर्ड्स को लेकर कभी ज्यादा चिंतित नहीं रहते थे। उनके लिए जिंदगी में रिश्ते, प्यार और इंसानियत ज्यादा मायने रखते थे।
एशा के इस बयान ने इस पूरे मुद्दे को एक भावनात्मक और मानवीय दृष्टिकोण भी दिया।
🌍 BAFTA में मिला था सम्मान
यह भी गौर करने वाली बात है कि इससे पहले BAFTA Awards 2026 के ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट में धर्मेंद्र को शामिल किया गया था।
इससे उनके फैंस को उम्मीद थी कि ऑस्कर में भी उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
यही वजह है कि इस बार की अनदेखी ज्यादा चर्चा का विषय बन गई।
📱 सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा
ऑस्कर के प्रसारण के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की।
कई लोगों ने इसे भारतीय सिनेमा के प्रति उपेक्षा बताया, तो कुछ ने इसे चयन प्रक्रिया की कमी कहा।
फैंस का मानना है कि ऑस्कर जैसे वैश्विक मंच को सभी देशों के कलाकारों को समान रूप से सम्मान देना चाहिए।
🏁 निष्कर्ष
धर्मेंद्र को ऑस्कर 2026 के ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट में शामिल न किया जाना सिर्फ एक चूक नहीं, बल्कि एक बड़ा सवाल भी है—क्या वैश्विक मंचों पर भारतीय सिनेमा को वह सम्मान मिल रहा है, जिसका वह हकदार है?
हालांकि, इन सब विवादों के बीच एक बात साफ है कि धर्मेंद्र का योगदान और उनकी विरासत किसी अवॉर्ड या सम्मान की मोहताज नहीं है।



