‘पहले एडवांस फिर तेल’, OMCs ने बंद कर दी पंप को पेट्रोल-डीजल की सप्लाई, युद्ध के बीच बदले पेमेंट रुल्स- रिपोर्ट

ईरान-अमेरिका तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारत की सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल पंप डीलरों को उधार पर ईंधन आपूर्ति निलंबित कर दी है। HPCL और BPCL ने एडवांस पेमेंट पर जोर दिया, जबकि IOCL ने अपनी क्रेडिट पॉलिसी रोक दी।
HighLights
- OMCs ने पेट्रोल पंपों को उधार पर ईंधन देना बंद किया।
- HPCL, BPCL, IOCL ने भुगतान शर्तें सख्त कीं।
- ईरान-अमेरिका तनाव से कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हुई।
ईरान और अमेरिका (Iran-America War) के बीच जंग से कच्चे तेल (Crude Supply) की सप्लाई बाधित होने और दाम बढ़ने के बीच भारत की सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने रिटेल आउटलेट्स (पेट्रोल पंप डीलर्स) को उधार पर ईंधन की आपूर्ति निलंबित कर दी है और भुगतान की शर्तों को सख्त कर दिया है। मिंट की रिपोर्ट में 4 सूत्रों के हवाले से यह दावा किया गया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों ने मिंट के सवालों का जवाब नहीं दिया। जागरण बिजनेस स्वतंत्र रूप से इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं करता है।
नाम नहीं छापने की शर्त पर सूत्रों ने बताया कि हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने पिछले सप्ताह से एडवांस पेमेंट पर जोर देना शुरू कर दिया था, जबकि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने सोमवार को अपनी पांच दिवसीय रिवॉल्विंग क्रेडिट पॉलिसी को रोक दिया।
पेमेंट सिस्टम में बड़ा बदलाव
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का यह पहले से चले आ रहे सिस्टम में एक बड़ा बदलाव है जिसके तहत डीलरों को ईंधन खरीदने के लिए शॉर्ट टर्म क्रेडिट की अनुमति थी। यह निर्णय महत्वपूर्ण है क्योंकि ये तीनों, ऑयल और गैस कंपनियां भारत के लगभग 100,000 पेट्रोल पंपों में से अधिकांश को ईंधन की आपूर्ति करती हैं।
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने भारत के लगभग 40% कच्चे तेल आपूर्ति मार्गों को बाधित कर दिया है, जिससे दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल उपभोक्ता देश, भारत के लिए चिंताएं बढ़ गई हैं। वित्त वर्ष 2027 तक भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की मांग 250.8 मिलियन टन तक पहुंचने का अनुमान है।



