क्या वाकई खत्म हो गई ईरान की मिसाइल दागने की क्षमता? जानिए अमेरिकी दावों की जमीनी हकीकत

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को लगभग खत्म कर दिया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के पास अभी भी काफी मिसाइलें हैं।
HighLights
- अमेरिकी दावे- ऑपरेशन एपिक फ्यूरी ने ईरान की क्षमता नष्ट की
- विशेषज्ञों का मत- ईरान के पास अभी भी पर्याप्त मिसाइलें मौजूद
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को लगभग पूरी तरह खत्म कर दिया है। जिससे ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता बहुत कम हुई है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि भले की मिसाइल दागने की क्षमता कम हुई है, लेकिन ईरान के पास अभी भी काफी नुकसान पहुंचाने और क्षेत्र में तनाव बनाए रखने के लिए पर्याप्त मिसाइलें मौजूद हैं।
दरअसल, 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले के संदर्भ में शनिवार को व्हाइट हाउस ने कहा, “ईरान की मिसाइल क्षमता लगभग पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। उनकी नौसेना युद्ध में अप्रभावी पाई गई है। ईरान पर पूर्ण हवाई वर्चस्व स्थापित हो चुका है।”
रविवार को राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान की ड्रोन निर्माण क्षमता को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है।

ईरान कहां से दाग रहा इतनी मिसाइल?
इसके बावजूद सोमवार दोपहर को कतर ने घोषणा की कि उसने ईरान से देश की ओर दागी गई मिसाइलों को रोका है। यही नहीं ईरान द्वारा किए हमले को लेकर सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन ने भी अलर्ट जारी किया। अबू धाबी में एक मिसाइल कार पर गिरी, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई।
ऐसे में अब सवाल यह है कि क्या ईरान की मिसाइल क्षमता में भारी कमी आई है? अगर उसके पास मिसाइल क्षमता में कमी आई है तो वह पड़ोसियों और इजरायल पर मिसाइल कैसे दाग रहा है।
क्या ईरान की मिसाइलों में कमी आई है?
गौरतलब है कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए हमले के बाद जवाबी कार्रवाई में ईरान ने खाड़ी देशों पर मिसाइलों की बौछार करनी शुरू कर दी। इस दौरान ईरान ने इजरायल, सऊदी अरब कतर समेत कई देशों पर लगातार ड्रोन और मिसाइल से हमला किया। लेकिन अब ईरान द्वारा खाड़ी देशों, इजरायल और क्षेत्र के अन्य देशों की ओर दागी गई जवाबी मिसाइलों और ड्रोन की संख्या में भारी गिरावट आई है।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर बात करें उदाहरण के तौर पर तो जंग की शुरुआत में ईरान ने 24 घंटों के भीतर 167 मिसाइलें और 541 ड्रोन दागे थे। इसके विपरीत, संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय के बयानों के आधार पर संकलित आंकड़ों के अनुसार, संघर्ष के 15वें दिन ईरान ने केवल चार मिसाइलें और छह ड्रोन दागे थे।

गोलीबारी में कमी
इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा अध्ययन संस्थान के अनुसार , इजरायल के खिलाफ गोलाबारी में भी कमी आई है, पहले दो दिनों में लगभग 100 मिसाइलों से घटकर पिछले कुछ दिनों में एकल-अंकीय संख्या रह गई है।
पिछले हफ्ते, पेंटागन ने कहा कि लड़ाई के पहले दिन की तुलना में मिसाइल प्रक्षेपण में 90 प्रतिशत की कमी आई है और ड्रोन हमलों में 86 प्रतिशत की कमी आई है।
ईरान के पास मिसाइलों का सबसे बड़ा भंडार
अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक कार्यालय के 2022 के आकलन के अनुसार , ईरान के पास इस क्षेत्र में बैलिस्टिक मिसाइलों का सबसे बड़ा भंडार है। हालांकि उसके पास कितनी मिसाइलें हैं, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है। लेकिन अल जजीरा ने इजरायली खुफिया रिपोर्टों के हवाले से बताया कि ईरान के पास लगभग 3,000 मिसाइलें थीं, जो पिछले साल जून में 12 दिनों के युद्ध के बाद घटकर 2,500 रह गईं।



