राष्ट्रीय

बेंगलुरु: 50 हजार की रंगदारी न देने पर मैकेनिक की पीट-पीटकर हत्या, 7 आरोपी गिरफ्तार

बेंगलुरु के विल्सन गार्डन में जीप मैकेनिक रशीद पाशा की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोपियों ने 50,000 रुपये की रंगदारी मांगी थी, जिसे देने से इनकार करने पर उन्होंने बल्ले और बांस की लाठियों से हमला किया।

HighLights

  1. बेंगलुरु में जीप मैकेनिक रशीद पाशा की हत्या
  2. 50,000 रुपये की रंगदारी न देने पर हमला
  3. पुलिस ने सात आरोपियों को किया गिरफ्तार

 बेंगलुरु के विल्सन गार्डन इलाके में एक जीप मैकेनिक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान रशीद पाशा के रूप में हुई है। आरोपियों ने रशीद पाशा पर बल्ले और बांस की लाठियों से हमला किया और मौके से फरार हो गए।

दरअसल, मृतक रशीद पाशा विल्सन गार्डन के बाडे माखन के पास अपनी नई दुकान का निर्माण करवा रहा था। रविवार (15 मार्च) को ही उसने दुकान के लिए मोल्डिंग का काम करवाया था। दुकान का निर्माण कार्य देखकर आरोपियों ने उससे ‘रंगदारी’ (प्रोटेक्शन मनी) के नाम पर 50,000 रुपये की मांग की।

पैसे को लेकर हुई बहस

जब रशीद पासा ने पैसे देने से इनकार किया तो दोनों के बीच बहस हो गई। इसके बाद आरोपिोयं ने 45 वर्षीय मैकेनिक की कथित तौर पर उसके बच्चों के सामने क्रिकेट बैट और लकड़ी के लट्ठों से हमला करना शुरू कर दिया। इससे उसे गंभीर चोटें आईं।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

हमले के तुरंत बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। रशीद को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन कुछ ही मिनटों में चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। रशीद के भाई ने पुलिस को बताया कि असगर, परवेज और अन्य लोग एक साल से अधिक समय से रशीद को परेशान कर रहे थे। विल्सन गार्डन पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मियों ने मामला दर्ज कर लिया है।

सात लोग गिरफ्तार

पुलिस उपायुक्त (मध्य) हकाय अक्षय माछिंद्रा ने कहा कि इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि हमले के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। गिरफ्तार किए गए लोगों में परवेज, असगर, मुनव्वर, समीर और तीन अन्य शामिल हैं।

रशीद से वसूल रहे थे हफ्ता

पुलिस ने बताया कि असगर के नेतृत्व वाले गिरोह ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत संपत्ति से संबंधित दस्तावेज हासिल किए थे और रशीद से हफ्ता वसूल रहे थे। जब रशीद ने हफ्ता देने से इनकार कर दिया, तो उन्होंने कथित तौर पर पिछले साल वक्फ बोर्ड, पुलिस और सरकारी अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद रशीद ने वक्फ बोर्ड से संपर्क किया और किराया चुकाकर गैराज चलाने की अनुमति प्राप्त कर ली।

रविवार को रशीद ने दुकान पर कंक्रीट की छत बनाना शुरू किया। स्थानीय व्यक्ति द्वारा सूचित किए जाने पर, असगर ने अपने कुछ साथियों को काम का जायजा लेने के लिए भेजा, और उन्होंने पुष्टि की कि छत का निर्माण कार्य चल रहा है।

आरोपियों ने दावा कि रशीद ने वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर अतिक्रमण किया है और उससे काम रोकने की मांग की। रशीद ने काम रोकने या कोई हफ्ता देने से इनकार कर दिया और हस्तक्षेप करने के उनके अधिकार पर सवाल उठाया। उसी रात, परवेज, असगर और अन्य लोग कथित तौर पर गैराज पहुंचे और रशीद से भिड़ गए।

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